यह जानकारी माले नेता सह उसरी बचाओ अभियान के संयोजक राजेश सिन्हा ने दी. उन्होंने कहा कि बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों से मिलकर सभी स्थिति से अवगत करा दिया है. बताया कि चतरो में स्थित बालमुकुंद फैक्ट्री और बालाजी के द्वारा उसरी नदी से पाइपलाइन के जरिये पानी लाने की योजना बनायी गयी है.
पाइपलाइन बिछाने की विभाग ने दी है अनुमति
इसके लिए सड़क के किनारे लगभग दो किमी की दूरी तक पाइपलाइन बिछाने की अनुमति पथ निर्माण विभाग ने दी है. कहा कि फैक्ट्रियों के द्वारा चतरो, गंगापुर, महुआटांड़, गादी श्रीरामपुर के इलाके में एक ओर जहां पर्यावरण को प्रदूषित किया जा रहा है. वहीं, दूसरी ओर उसरी नदी का पानी फैक्ट्री संचालक स्टोर कर उसका व्यावसायिक इस्तेमाल करना चाहते हैं. इससे नदी का जलस्रोत भी प्रभावित होगा. प्रतिनिधिमंडल में सामाजिक कार्यकर्ता विजय विशाल राय, शुभांकर राय, असंगठित मजदूर मोर्चा के किशोर राय, मधुसूदन कोल के अलावा विकास राय, अरुण साव, बबलू चंद्रवंशी, आजाद आलम आदि भी शाामिल थे.
