भुक्तभोगी महिला ने का कहना है कि गर्भ धारण की आशंका के एक माह बाद वह सीएचसी में आकर सूचना दी थी, लेकिन जांच के बाद भी कोई सार्थक पहल नहीं हुआ. शनिवार को प्रसव को ले जब उक्त महिला सीएचसी में आयी, तो वहां हड़कंप मच गया. शनिवार को स्वास्थ्य मेला को ले परिसर में भीड़ थी. जिसने सुना, वह आश्चर्यचकित रह गया. जिप सदस्य पवन कुमार चौधरी व लोगों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया. जिप सदस्य ने कहा कि ऑपरेशन समेत अन्य कार्यों में भारी लापरवाही बरती जाती है. यहां 17 पंचायतों से लोग इलाज, प्रसव व बंध्याकरण आदि के लिये आते हैं. ऑपरेशन करवाने वालों की संख्या कभी-कभी अधिक होती है. दूसरे अस्पताल से सर्जन को ऑपरेशन के लिए यहां भेजा जाता है. कई को चिकित्सक वापस लौटा देते हैं. ऐसे में जैसे तैसे देर रात तक ऑपरेशन का कार्य चलता है. उन्होंने भुक्तभोगी महिला को मुआवजा के साथ-साथ मामले की जांच की मांग सीएस से की है.
क्या कहते हैं चिकित्सा पदाधिकारी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ महेश्वरम ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान पूरी सावधानी बरती जाती है. कभी-कभी कुछ केस इस तरह के आते है. विभागीय प्रावधान के अनुसार महिला को उचित मुआवजा आदि देने की अनुशंसा की जायेगी. फिलहाल महिला का चिकित्सीय जांच कर सुरक्षित प्रसव का प्रयास किया जा रहा है.
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