कुछ ऐसा ही नजारा ईद में दिखने को मिला. वर्तमान परिवेश में शहरी क्षेत्र के अधिकांश लोग पर्व-त्योहार में सोशल मीडिया पर बधाई, शुभकामना या मुबारकबाद देते नजर आते हैं. लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग पर्व त्योहार या किसी आयोजन पर नाते रिश्तेदार के घर जाकर मिलते हैं और खुशियां मनाते हैं.
ईद के दौरान दिखी
परंपर
ाशनिवार को ईद के मौके पर ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने नाते-रिश्तेदारों से मिलने पहुंचे और तस्वीर साझा की. ग्रामीण क्षेत्र के बुजुर्गों ने बताया कि गांवों में आज भी पर्व-त्योहार में एक-दूसरे रिश्तेदार के घर जाना, बड़े-बुजुर्ग से दुआ-आशीर्वाद लेने की परंपरा कायम है. खुशी के इस माहौल में शगुन लेने का भी रिवाज है. कहीं युवा पीढ़ी अपने नाना नानी, दादा दादी को परवी देते हैं तो कहीं नाना-नानी, दादा-दादी अपने नाती-पोते को शगुन देते हैं. इस परंपरा से आपसी प्रेम से बना रहता है.
