शराब पीने के बाद शराब की बोतलें जहां-तहां फेंक या तोड़कर चले जाते हैं. इसके कारण वहां आने जानेवाले अन्य लोगों को परेशानी होती है. पैरों के नीचे शराब और बियर के टूटे बोतल के टुकड़े पड़ने से कई लोग घायल भी हो चुके हैं. शराबी बिस्कुट, नमकीन के रैपर भी जहां-तहां फेंक दिए जाते हैं. इससे तालाब की स्वच्छता पर भी प्रश्न चिह्न खड़ा हो गया है. स्थानीय लोगों की मानें, तो शराबी देर रात तक वहां अड्डाबाजी करते हैं. शराबियों के बीच आपसी विवाद तथा शोरगुल होता रहता है. इससे पास पड़ोस के लोग सहमे रहते हैं.
चार एकड़ में फैला है तालाब
बता दें कि लगभग साढ़े चार एकड़ में फैले इस सार्वजनिक तालाब का उपयोग नहाने-धोने, छठ पूजा, बड़का पर्व, श्राद्ध कार्यों में घाट लगाने सहित अन्य कामों में करते हैं. इस तालाब की उपयोगिता को देखते हुए नगर विकास विभाग ने वर्ष 2023 में इसका जीर्णोद्धार किया था. लगभग दो करोड़ की लागत से तालाब के चारों ओर सीढ़ियां बनवायी थी. बैठने के लिए सीमेंटेड कुर्सियां बनायीं गयीं. कचरा जमा करने के लिए जगह-जगह डस्टबिन की व्यवस्था भी की गयी. तालाब के चारों ओर अनेकों छायादार व फूलों के पौधे लगाये गये. इसका उद्देश्य बड़की सरैया नगर पंचायत क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाना और आसपास के लोगों रो फुर्सत के समय इस तालाब के किनारे लगे पेड़ों की शीतल छाया में भ्रमण-विश्राम करना था. जानवरों से सुरक्षा के लिए तालाब के चारों ओर तार के घेरा दिया गया है. तालाब परिसर में प्रवेश करने के लिए गेट भी लगा हुआ है.
पार्क बनने से लोग होने लगे लाभान्वित
तालाब का जीर्णोद्धार होने तथा पार्क बनने के बाद स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलने लगा, परंतु कुछ महीनों के बाद पार्क के बीच सुसज्जित मैनेजर तालाब शराबियों की करतूत की भेंट चढ़ने लगा. तालाब के किनारे जितने भी डस्टबिन रखे गए हैं, सभी शराब व बियर की खाली बोतलों से भरे हैं. तालाब की सीढ़ियों के किनारे भी शराब की टूटी बोतलें बिखरी रहतीं हैं.
हंगामा करते हैं शराबी : लोगों की मानें तो सरिया थाना के समीप होने के बावजूद शराबी निर्भीक होकर सार्वजनिक जगह पर शराब पीकर हंगामा करते हैं. उलझने की डर से स्थानीय लोग वैसे लोगों को मना नहीं कर सकते. पुलिस को चाहिए कि वे समय-समय पर पेट्रोलिंग कर तालाब को शराबियों की करतूत से मुक्त कराये, जिससे कि तालाब और पार्क की स्वच्छता और सुंदरता बनी रहे.