जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग कपड़ों से चेहरा ढककर, सिर पर गमछा या दुपट्टा बांधकर निकलते हैं. गर्मी का असर जलस्रोतों पर भी साफ दिखने लगा है. जिले की नदियां धीरे-धीरे सूख रही हैं और भू-जल स्तर लगातार नीचे खिसकता जा रहा है. कई इलाकों में हैंडपंप जवाब देने लगे हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सुबह और शाम के समय पानी भरने को लेकर मोहल्लों में भीड़ देखी जा रही है.
गर्मी को लेकर प्रशासन अलर्ट, पेयजल समस्या व आगजनी घटना पर चर्चा
गावां प्रखंड में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए शुक्रवार को बैठक हुई. अध्यक्षता बीडीओ महेंद्र रविदास ने की. इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे. बैठक में पेयजल व्यवस्था और आगजनी की घटनाओं से निपटने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. बीडीओ ने निर्देश दिया कि सभी पंचायतों में पेयजल की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाये. खराब पड़े चापाकलों की जल्द मरम्मत कराने और जरूरत वाले स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया. पानी की समस्या समाधान में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. इसके अलावा गर्मी के मौसम में बढ़ती आगजनी की घटनाओं को देखते हुए सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया. संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया. मौके पर डॉ नवीन कुमार, अनिल कुमार, रामकृष्ण बाउरी, राजेंद्र प्रसाद, उमा ठाकुर, राजीव रंजन आदि उपस्थित थे.
