मृतक द्वारा पीएम आवास योजना व अबुआ आवास योजना में मजदूरी करना, रोजगार सेवक द्वारा मस्टर रोल जमा कर डिमांड करना और फिर भुगतान होना सरकारी सिस्टम की पोल खोलती नजर आ रही है. मामला प्रखंड के जामजोरी पंचायत अंतर्गत पंडरिया गांव की है.
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार जामजोरी पंचायत अंतर्गत पंदनिया निवासी कमल मरांडी की कोरोना काल में मौत हो गई थी. कालांतर में वर्ष 2024 में उसकी पत्नी चांद मुनि देवी के नाम पीएम आवास स्वीकृत हुई. इसके बाद जनवरी 2025 में पहली किश्त 40 हजार व जुलाई 2025 में दूसरी किश्त 75 हजार मिला. कालांतर में आवास का कार्य शुरू हुआ और वर्तमान में एस्बेस्टस का आवास लगभग तैयार है. लेकिन उक्त योजना में मजदूरी मद में मिलने वाली राशि के लिए सरकारी सिस्टम बदल गई और लाभुक के मृत पति को पीएम आवास योजना में मजदूर दिखा कर 18.08.2025 से 24.08.25,29.12.25 से 04.01.26,05.01.26 से 11.01.26,12.01.26 से 18.01.26,21.01.26 से 27.01.26 एवं 28.01.26 से 03.02.2026 तक का मस्टर रोल भरकर डिमांड कर दिया. सबसे बड़ी बात है कि पांच वर्ष पूर्व कमल मरांडी की मौत के बावजूद अभी तक उसके नाम का जॉब कार्ड एक्टिव है और लगातार डिमांड भी होता रहा है.भुखरी देवी के अबुआ आवास में भी मृत की एक दिन मजदूरी दर्ज
पत्नी के नाम स्वीकृत पीएम आवास योजना में काम करने से पहले मृत कमल मरांडी ने जाम जोरी के भुखरी देवी के अबुआ आवास में भी मजदूरी की थी. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार भुखरी देवी के अबुआ आवास में मृतक कलम मरांडी ने 03.06.2024 को मजदूरी की थी.पांच वर्ष हो चुकी है पति की मौत : चांद मुनि
पीएम आवास योजना की लाभुक चांद मुनि देवी ने कहा कि उनके पति कमल मरांडी की पांच वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है. पीएम आवास योजना में उन्हें दो किश्त राशि मिली जिससे आवास बना लिया है. अंतिम किश्त मिलने के बाद खिड़की दरवाजा लगाया जाएगा. राशि के अभाव में अभी बांस की टाट लगा कर रहते हैं.बॉक्समामला गंभीर है,होगी जांच : बीडीओबीडीओ निसात अंजुम ने कहा कि मृत व्यक्ति को मजदूर दिखाकर डिमांड किया जाना गंभीर मामला है. पंचायत सचिव से मामले का सत्यापन कराया जाएगा. मामला सत्य पाया गया तो संबंधित कर्मी व अधिकारी को शो कॉज करते हुए अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी.
पांच वर्ष पूर्व मृत कमल मरांडी का एक्टिव है जॉब कार्ड