हाथों की मेहंदी का रंग अभी पूरी तरह फीका भी नहीं पड़ा था. नयी-नयी शादी के बाद घर में खुशियों का माहौल था और नवविवाहिता की आंखों में जिंदगी के अनगिनत सपने थे. शादी के महज 30 दिन बाद ही एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गयीं. जमुआ थानांतर्गत केवाईटांड़ निवासी उसमान अंसारी के पुत्र अरबाज अंसारी (22) की सोमवार को करंट लगने से मौत हो गयी.
राजमिस्त्री था अरबाज
अरबाज पेशे से राजमिस्त्री था. वह दरियाडीह निवासी कुमुद पंडित के निर्माणाधीन मकान में प्लास्टर का काम कर रहा था. बताया गया कि सोमवार दोपहर काम के दौरान वह छत पर लगा तिरपाल हटाने लगा. इसी दौरान छत के बेहद करीब से गुजर रहे हाइ वोल्टेज के नंगे तार की चपेट में आ गया. करंट लगते ही वह छत पर अचेत होकर गिर पड़ा.
परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था अरबाज
हादसे के दौरान मौके पर मौजूद सहकर्मी और स्थानीय लोग उसे बचाने के लिए दौड़े. इलाज के लिए ले जाने की तैयारी शुरू हुई, पर तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. एक ही पल में परिवार का कमाने वाला बेटा और एक नवविवाहिता का जीवनसाथी उनसे हमेशा के लिए छिन गया.
एक महीने में ही छिन गयी जिंदगी की खुशियां
अरबाज की शादी करीब एक माह पहले ही हुई थी. नयी गृहस्थी को लेकर उसके और परिवार के कई सपने थे. मेहनत-मजदूरी कर वह अपने परिवार और पत्नी के लिए बेहतर भविष्य बनाने की कोशिश कर रहा था. मगर जिस काम के लिए वह रोज की तरह घर से निकला था, वही उसकी जिंदगी का आखिरी काम साबित हुआ.
हादसे की खबर से शोक व्याप्त हो गया दो गांवों में
हादसे की खबर मिलते ही केवाईटांड़ और दरियाडीह में शोक की लहर दौड़ गयी. घर में चीख-पुकार मच गयी. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आबादी और निर्माण क्षेत्र के बीच इतने ऊंचे वोल्टेज के खुले तारों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे.
