उक्त बातें उन्होंने गुरुवार को पपरवाटांड़ स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कही. कहा कि सीसीएल रीजनल वर्कशॉप अंग्रेजों के जमाने से संचालित है. सीसीएल की यह महत्वपूर्ण इकाई है. यहां पर कई उपकरणों का निर्माण समेत मोटर पंप व ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत होती है. कहा कि प्रबंधन ने सरकारी संपत्ति को बंद करने का निर्णय लिया है, जो कि गलत है. कहा कि अपनी नाकामी को छिपाने के लिए वर्कशॉप को बंद करना उचित नहीं है. गिरिडीह कोलियरी को बेहतर करने की दिशा में कार्य करना चाहिए.
सुरक्षा पर हो रहा काफी खर्च
कहा कि सीसीएल संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सिक्यूरिटी गार्ड हैं. यहां पर प्रतिनियुक्त होमगार्ड के जवानों पर सरकारी खर्च हो रहा है. इसके बाद भी चोरी नहीं रुकना नाकामी है. संयुक्त मोर्चा की बैठक करने के बाद प्रबंधन से मिलकर सभी मुद्दे पर चर्चा होगी. यूनियन के एरिया उपाध्यक्ष अर्जुन रवानी ने कहा कि सीसीएल प्रबंधन वर्कशॉप को बंद करने की तैयारी कर रहा है. इसके खिलाफ आवाज बुलंद की जायेगी. प्रबंधन को चाहिए कि बंद माइंस को चालू करे ना कि चालू इकाई को बंद करे. इस मुद्दे पर प्रबंधन से वार्ता की जायेगी. प्रबंधन नहीं माना, तो आंदोलन किया जायेगा. प्रेस वार्ता में पंचानन प्रसाद, गोविंद दास, डीलचंद शर्मा आदि उपस्थित थे.
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