सीएस ने अस्पताल कर्मियों से जानकारी ली. उसने कहा कि घटना काफी निंदनीय है. अगर जच्चा-बच्चा के साथ कोई अनहोनी हो जाती, तो बहुत बड़ी बात होती. कहा प्रसव कार्य में जुटी उक्त एएनएम को जानकारी का अभाव होने की बात सामने आयी है और तत्काल उसे हटा दिया गया है. उसे प्रशिक्षित करने पर विभाग विचार कर रहा है. कहा अस्पताल में एक दक्ष महिला चिकित्सक के साथ-साथ एक सर्जन चिकित्सक को प्रसव की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. बता दें कि घटना 23 फरवरी को रूपा को उसे परिजन सीएचसी लाये थे. दिनभर अस्पताल में रखने के बाद शाम में एएनएम ने उसे अन्यत्र ले जाने की सलाह दी. अस्पताल से एंबुलेंस भी नहीं दी गयी. परिजन उसे पैदल सड़क पर टेंपो पकड़ने के लिए ले जा रहे थे. अस्पताल से महज कुछ ही दूर जाने पर सड़क पर ही उसकी डिलीवरी हो गयी थी. सिविल सर्जन के दौरे के बाद अस्पताल कर्मियों में हड़कंप है.
औचक निरीक्षण में सामने आयी गड़बड़ी
सीएस ने सीएचसी का निरीक्षण किया. इस दौरान वह व्यवस्था से काफी नाराज दिखे. उन्होंने कर्मियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्था सुधार की हिदायत की. कुर्सी, कंप्यूटर की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी. ओटी के पास सामग्री से भरे कार्टन देखे जाने पर भी नाराजगी जतायी. कहा चीजें की व्यवस्थित नहीं रहता कर्मियों की कार्यशैली दर्शाता है. जवाबदेही को समझना होगा, तभी चीजें ठीक होगी और मरीजों को अस्पताल का लाभ मिल पायेगा. कहा सिर्फ हाजिरी बना लेने से काम नहीं चलेगा. निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से लेकर ऑन ड्यूटी चिकित्सक तक गायब थे. मौके पर प्रबंधक अरविंद कुमार, लैब टेक्नीशियन जितेंद्र कुमार के अलावा कई कर्मी उपस्थित थे.
