सोमवार को उसका शव गांव पहुंचा. शव पहुंचते ही परिजनों की चीख पुकार से पूरे गांव में मातम छा गया. प्रकाश हैदराबाद में टेंपो चलाता था. वह रविवार को पिहरा से हैदराबाद चलने वाली बस पर सवार हुआ.
शौच के लिए बस से उतरा था प्रकाश
चरही चौक से एक किमी पहले बस रुकी थी, जहां कुछ सवारी शौच कर रहे थे. इसमें से प्रकाश भी था. शौच के बाद वह बस पर सवार होने जा ही रहा था कि अचानक पीछे से एक कोयला लदे ट्रक ने उसे धक्का मार दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. परिजन शव को हजारीबाग से लेकर सोमवार को की शाम चार बजे गांव में पहुंचे. मृतक काे दो पुत्र और एक पुत्री है. इसमें एक पुत्र मात्र एक माह का है. मृतक यादव सेना के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव का मौसेरा भाई था.
