शनिवार को शिक्षक संगठन समन्वय समिति के आह्वान पर सैकड़ों शिक्षकों ने उपायुक्त को मेल भेजकर वेतन भुगतान की गुहार लगायी. साथ ही शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा एतराज जताया. अहम बात यह है कि जिले के प्राथमिक शिक्षकों का वेतन भुगतान हो चुका है, लेकिन टीजीटी व पीजीटी शिक्षकों को अब तक भुगतान नहीं हुआ है. शिक्षक संगठनों का आरोप है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की सुस्ती के कारण सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद फाइलें दबी पड़ी है. बता दें कि बीते चार मई को जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त ने स्वयं डीइओ और डीएसई को शीघ्र वेतन भुगतान का निर्देश दिया था. शिक्षक नेताओं का कहना है कि विभाग अपने ही उच्चाधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है, जिससे कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने की समस्या खड़ी हो गयी है.
मंगलवार को सामहूकि रूप से डीसी के जनता दरबार में उपस्थित होंगे शिक्षक
शिक्षकों ने मंगलवार को आहूत होने वाले डीसी के जनता दरबार में सामूहिक रूप से उपस्थिति दर्ज कराने का निर्णय लिया. वेतन भुगतान की मांग पर मेल करने वालों में झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला संयोजक मुन्ना प्रसाद कुशवाहा, झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव रविकांत चौधरी, झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ कार्यकारिणी सदस्य केदार प्रसाद यादव, अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जुगल किशोर पंडित, झारखंड स्टेट प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के इम्तियाज अहमद, झारखंड राज्य मुफस्सिल लिपिक मोर्चा के प्रदेश महासचिव विकास कुमार सिन्हा समेत सैकड़ों शिक्षक शामिल है. शिक्षकों ने उपायुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर अविलंब वेतन भुगतान की मांग की है.
