जानें घटनाक्रम
स्कूल खुलते ही हरिहर सिन्हा लाठी व ताला-चाबी लेकर पहुंच गये
आठ कमरों में लगा दिया ताला, नहीं हुआ पठन-पाठन
मना करने पर मारपीट करने पर हो गये उतारू
शिक्षक आलोक चंद्र रवि व मुकेश कुमार राय ने बताया कि शुक्रवार सुबह 9.05 बजे स्हकूल खुलते ही हरिहर प्रसाद सिन्हा लाठी व ताला-चाबी लेकर आये और आठ कमरों में ताला जड़ दिया. मना करने पर झगड़ा पर उतारू हो गये. कमरा बंद होने से शिक्षक व छात्र-छात्राएं बाहर भटकने को मजबूर हुए. कई घर लौट गये. सूचना मिलने पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष विश्वनाथ कुशवाहा, शहबान अंसारी, संजय सिन्हा, नीरज कुमार, कालेश्वर कुशवाहा, जागेश्वर राणा, विशेश्वर शर्मा, सुधीर राणा, वार्ड सदस्य रामेश्वर तुरी, सुखदेव शर्मा समेत काफी संख्या में ग्रामीण व समिति के सदस्य स्कूल पहुंचे. तब तक हरिहर सिन्हा निकल चुके थे. शिक्षकों के अनुसार, शुक्रवार को प्रधानाध्यापक अशोक राय छुट्टी पर थे.
ग्रामीणों ने शिक्षक पर लगाये गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने तालाबंदी की जानकारी फोन पर प्रखंड से जिला स्तर के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को दी. ग्रामीणों के अनुसार, हरिहर प्रसाद सिन्हा ड्यूटी के मामले में मनमानी करते हैं. वे जब मन तब स्कूल आते हैं और चले जाते हैं. बच्चों को ठीक से पढ़ाते भी नहीं हैं. हेडमास्टर, साथी शिक्षकों व प्रबंधन समिति द्वारा रोक-टोक करने पर गाली-गलौज करते हैं और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं. रसोइया ने उनके खिलाफ मामला भी दर्ज करा रखा है. विभाग से शिकायत करने के बाद उनका स्थानांतरण बाराखुटा स्कूल कर दिया गया. लेकिन दो सप्ताह गुजर जाने के बावजूद वे वहां नहीं गये और सापामारन स्कूल में ही हाजिरी बनाना चाहते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पूर्व हाजिरी नहीं बनाने देने पर वह साथी शिक्षकों से उलझ गये. शुक्रवार को स्कूल खुलते ही कमरों में ताला जड़ पठन-पाठन ठप कर दिया.
बीइइओ ने आरोपित शिक्षक पर दर्ज करायी प्राथमिकी
इधर, सूचना मिलने पर डीएसइ के आदेश पर बीआरसी से सीआरपी प्रकाश कुमार कुशवाहा और मध्याह्न भोजन प्रभारी ओंकार बर्णवाल जांच के लिए स्कूल पहुंचे. दोनों ने वस्तुस्थिति से बीइइओ को अवगत कराया. बताया कि बीइइओ रंजीत कुमार चौधरी ने कार्रवाई करते हरिहर प्रसाद सिन्हा पर एफआईआर दर्ज करा दी है.
