बता दें कि बेंगाबाद की ताराटांड़, ओझाडीह, तेलोनारी पंचायतों के अलग-अलग गांवों के वनभूमि से सफेद पत्थरों की तस्करी धड़ल्ले से किया जा रहा है. दिनभर मजदूरों से सफेद पत्थरों का खनन कराने के बाद रात में ट्रैक्टरों से पत्थर ढुलाई करवायी जा रही है. पत्थर पचंबा थाना क्षेत्र में संचालित एक क्रशर में खपाया जाता है. उक्त क्रशर में ट्रैक्टर से पत्थर ओझाडीह-बड़ियाबाद होकर पहुंचाया जाता है. इस धंधे में स्थानीय ट्रैक्टर संचालकों की मुख्य भूमिका है. ट्रैक्टर संचालक प्रतिदिन कई फेरा लगाकर सफेद पत्थर क्रशर तक पहुंचाते हैं. बता दें कि सफेद पत्थर खनन संबंधी लीज नहीं होने के बाद भी, इसका खनन रुक नहीं रहा है.
फुफंदी पहाड़ी का अस्तित्व खतरे में
फुफंदी गांव के पास एक पहाड़ी है जिसमें सफेद पत्थरों का अकूत भंडार है. पत्थर माफिया उक्त पहाड़ी की तलहटी से सफेद पत्थरों का खनन करते हैं. लगातार हो रहे खनन के कारण पहाड़ी की तलहटी में कई सुरंग बन गये हैं. इसके कारण पहाड़ी का अस्तित्व खतरे में है. पहाडी से लगातार निकाले जा रहे सफेद पत्थरों की रोकथाम के लिए संबंधित वनरक्षी व विभागीय कार्रवाई नहीं होने से माफियाओं का मनोबल बढ़ा हुआ है.प्रभारी वनपाल ने कहा
इस संबंध में प्रभारी वनपाल रोहित पंडित का कहना है कि सफेद पत्थरों की वनभूमि से खनन की खबर नहीं है. संबंधित वनरक्षी से इस संबंध में जानकारी लेकर शीघ्र कार्रवाई की जायेगी. वन भूमि पर कोई भी अवैध धंधा नहीं होने दिया जायेगा.
