स्मार्ट मीटर से बिजली का झटका, 10 से 50 गुना तक ओवरबिलिंग, जांच की मांग

स्मार्ट मीटर लगने के बाद डुमरी और गिरिडीह जिले के कई प्रखंडों में बिजली बिल सामान्य खपत से 10 से 50 गुना तक अधिक आ रहा है. इस समस्या को लेकर जिला परिषद सदस्य सुनीता कुमारी ने विद्युत विभाग से स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है.

डुमरी. स्मार्ट मीटर लगने के बाद डुमरी प्रखंड समेत गिरिडीह जिले के विभिन्न प्रखंडों में सामान्य खपत की तुलना में 10 से 50 गुना तक अधिक बिजली बिल मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं. अचानक हजारों रुपये का बिल मिलने से उपभोक्ता परेशान हैं. मामले को गंभीर बताते हुए जिला परिषद सदस्य सुनीता कुमारी ने विद्युत विभाग से स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है.

जीएम से तकनीकी सत्यापन कराने की मांग

जिला परिषद सदस्य सुनीता कुमारी ने गिरिडीह विद्युत विभाग के महाप्रबंधक-सह-मुख्य अभियंता को आवेदन देकर मामले की जांच कराने की मांग की है. आवेदन में स्मार्ट मीटर की रीडिंग, बिलिंग प्रक्रिया और दर्ज बिजली खपत के आंकड़ों का तकनीकी सत्यापन कराने की बात कही गयी है. उन्होंने कहा कि जिन मामलों में मीटर या बिलिंग से संबंधित त्रुटि सामने आती है, उनमें तत्काल सुधार कर उपभोक्ताओं को राहत दी जानी चाहिए.

कार्यपालक अभियंता ने जांच का दिया आश्वासन

सुनीता कुमारी ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता से फोन पर बातचीत कर भी इस समस्या की जानकारी दी. उन्होंने प्रभावित उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द समाधान करने की मांग की. इस पर कार्यपालक अभियंता ने मामले की जांच कराने और दो से चार दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.

रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया की जांच जरूरी

जिला परिषद सदस्य ने कहा कि सामान्य रूप से बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को अचानक कई गुना अधिक बिल मिलना गंभीर विषय है. हालांकि, अधिक बिल आने के कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी. विभाग को स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, मीटर रीडिंग और बिल तैयार करने की प्रक्रिया की जांच करनी चाहिए. इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत वाले मामलों में अधिक राशि का बिल तकनीकी गड़बड़ी, मीटर रीडिंग में त्रुटि या बिलिंग प्रक्रिया में किसी कमी के कारण जारी हुआ है या नहीं.

गलत बिल मिलने पर संशोधन की मांग

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि स्मार्ट मीटर अथवा बिलिंग व्यवस्था में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि सामने आती है, तो प्रभावित उपभोक्ताओं के बिल का तत्काल सत्यापन और आवश्यकतानुसार संशोधन किया जाना चाहिए. साथ ही भविष्य में इस तरह की शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभाग को प्रभावी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए. उपभोक्ताओं का कहना है कि सामान्य खपत के अनुरूप बिलिंग नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

समाधान नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

सुनीता कुमारी ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में समस्या का समाधान नहीं हुआ और प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली, तो जनहित में उपभोक्ताओं के साथ मिलकर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले शिकायतों की तकनीकी जांच और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है. इसके बाद जिन मामलों में बिलिंग या मीटर संबंधी गड़बड़ी प्रमाणित होती है, उनमें विभाग को नियमानुसार कार्रवाई कर उपभोक्ताओं को राहत देनी चाहिए.

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By Shashi kumar jais

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