Giridih News :धरातल पर उतरी, पर कारगर नहीं हो पायी सात वाटर एटीएम

Giridih News :गिरिडीहवासियों को एक रुपये में शुद्ध शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खुली वाटर एटीएम बंद पड़ी हुई है. इसके कारण शहरवासियों व प्रखंडों से मुख्यालय आनेवाले लोगों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यह वाटर एटीएम शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है.

लगभग आठ वर्ष पूर्व पीपीई मोड में हजारीबाग की एक कंपनी ने शहरी क्षेत्र के सात स्थानों पर वाटर एटीएम काफी तामझाम के साथ स्थापित की थी. उस वक्त यह दावा किया गया था कि यहां से हरेक व्यक्ति को मात्र एक रुपये में शुद्ध शीतल पेयजल प्राप्त होगा. कुछ दिनों तक वाटर एटीएम चली. इसके बाद एक-एक कर सभी सातों वाटर एटीएम बंद हो गयी. बताया जाता है कि उप नगर आयुक्त ने संबंधित कंपनी को कई बार नोटिस भेजकर इसे चालू करने का निर्देश दिया, लेकिन कंपनी के संचालक ने पानी की अनुपलब्धता की शिकायत की. इस शिकायत के आलोक में निगम ने संबंधित कंपनी को नगर भवन के पास बोरिंग कर रूम आवंटित करने व यहां से सभी वाटर एटीएम में पानी मुहैया कराने की बात कही. लेकिन, इस पर कोई पहल नहीं हो पायी. इसके कारण वाटर एटीएम को चालू नहीं की जा सकी.

45 लाख आयी थी लागत

बता दें कि वर्ष 2017 में लगभग 45 लाख की लागत से सात वाटर एटीएम स्थापित की गयी थी. तत्कालीन उपायुक्त उमाशंकर सिंह व नप अध्यक्ष दिनेश प्रसाद यादव ने वाटर एटीएम का उद्घाटन किया था. लेकिन, कुछ माह बाद ही एक-एक करके सारे एटीएम बंद हो गई. पिछले सात वर्षों से यह सभी बंद है.

इन स्थानों पर लगी थी मशीन

शहरी क्षेत्र के आंबेडकर चौक, समाहरणालय गेट के समक्ष, मकतपुर, बड़ा चौक, नगर थाना के सामने, पचंबा रज्जाक चौक समेत अन्य स्थानों पर वाटर एटीएम लगायी गयी थी. इनमें से सभी बंद है. गिरिडीह-पचंबा सड़क चौड़ीकरण के कारण आंबेडकर चौक पर लगी वाटर एटीएम को हटा दिया गया है. शेष पूर्व अपने स्थानों पर है. इस संबंध में नगर निगम के अर्बन प्लानर मंजूर आलम ने बताया कि बंद वाटर एटीएम को चालू कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. इस मामले को लेकर उप नगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक काफी गंभीर हैं. उम्मीद है कि जल्द से जल्द सभी वाटर एटीएम चालू हो जायेगी.

नगर निगम बोर्ड की बैठक में लिया जायेगा निर्णय : डिप्टी मेयर

डिप्टी मेयर सुमित कुमार ने कहा है कि बंद वाटर एटीएम को चालू कराने को लेकर नगर निगम बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि जो वाटर एटीएम मरम्मत लायक होगा, उसकी मरम्मति करायी जायेगी. कहा कि गर्मी में लोगों को स्वच्छ जल की आपूर्ति को लेकर उचित कदम उठाया जायेगा.

शहरी क्षेत्र में संचालित प्याऊ की स्थिति लचर, कई नलों से नहीं होती पानी की आपूर्ति

शहरी क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा खोले गये प्याऊ की स्थिति काफी लचर है. सामाजिक संगठनों ने लोगों की प्यास बुझाने के लिए सराहनीय कार्य करते हुए प्याऊ का निर्माण कराया है. इसका लाभ लोगों को मिला. परंतु, बाद के दिनों में देखरेख की कमी के कारण व्यवस्था कमजोर हो गयी है. इसका समुचित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है. शहरी क्षेत्र के बड़ा चौक, बस स्टैंड, मकतपुर हाइस्कूल के समक्ष व सदर अस्पताल परिसर स्थित सहित कई स्थानों पर प्याऊ का निर्माण कराया गया है. जब यह लगा था, तब लोगों में काफी खुशी देखी गयी. लोगों ने शुद्ध पेयजल का लाभ उठाया. परंतु, पिछले कुछ माह से यह प्याऊ अधिकाधिक जनता की प्यास नहीं बुझा पा रही है. जिस सकारात्मक सोच के तहत इन प्याऊ का तामझाम के साथ उद्घाटन किया गया था, उसका समुचित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है. बताया गया कि कई स्थानों पर प्याऊ में लगे छह नल में से एक दो से ही पानी गिरता है. शेष की स्थित लचर है. बस स्टैंड में लगे प्याऊ के एक भी नल से पानी नहीं गिर रहा है. इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. अन्य स्थानों के प्याऊ की भी कमोबेश यही स्थिति है. देखरेख की कमी से उत्पन्न समस्या के कारण राहगीरों व अन्य लोगों को शुद्ध जल का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इस बाबत सुजीत कुमार, देवेंद्र राम, श्यामल कुमार आदि का कहना है कि प्याऊ का निर्माण काफी सराहनीय कदम है. लेकिन इसकी देखरेख भी जरूरी है, ताकि जिस सोच के साथ इसे बनाया गया है, उसका लाभ जनता को मिल सके.

(सूरज सिन्हा, गिरिडीह)B

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By PRADEEP KUMAR

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