आंधी-तूफान आने से लोगों की चिंता बढ़ जाती है. सूखे और जर्जर हो चुके पेड़ कभी भी गिर सकते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले वर्ष हरलाडीह के युवाओं ने पहल करते हुए अंचल प्रशासन और वन विभाग की सहमति से कुछ खतरनाक पेड़ों को कटवाया था. इस प्रयास से आंशिक राहत जरूर मिली, लेकिन अब भी दर्जनों सूखे पेड़ सड़क किनारे खड़े हैं, जो हादसे का कारण बन सकते हैं.
बराकर जैन मंदिर, कर्णपुरा विद्यालय, चिरकी और हरलाडीह के पास सबसे अधिक खतरा
बराकर जैन मंदिर, कर्णपुरा विद्यालय, चिरकी और हरलाडीह जैसे प्रमुख स्थानों पर स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है. इन स्थानों पर कई पेड़ पूरी तरह सूख चुके हैं और हल्की आंधी में भी गिरने की आशंका बनी रहती है. राहगीरों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते यदि इन पेड़ों को हटा देना चाहिये, ताकि बड़ी दुर्घटना हो सकती है. स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द सर्वे कर सूखे पेड़ों को चिह्नित कर सुरक्षित तरीके से हटाया जाये.
