कहा गया कि 31 मार्च तक हर हाल में राजस्व संग्रहण लक्ष्य को प्राप्त कर लेना है. श्री लायक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगम को 7.35 करोड़ रुपये राजस्व संग्रहण का लक्ष्य प्राप्त है. इस लक्ष्य के विरुद्ध अब तक छह करोड़ से अधिक राजस्व संग्रहण किया जा चुका है. शेष बकाया टैक्स की वसूली को लेकर कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिया गया है. उन्होंने बताया कि 15वें वित्त के नॉर्मस के अनुसार हर हाल में 90 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्त करना है. नगर निगम क्षेत्र में जिन होल्डिंग धारकों के पास टैक्स बकाया है, उन्हें पूर्व में नोटिस भेजा जा चुका है. इनमें से कुछ ने टैक्स जमा किया है. लेकिन, अभी भी कई लोग होल्डिंग टैक्स जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. इसको लेकर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है.
दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त करने की मांग
उप नगर आयुक्त श्री लायक ने बताया कि होल्डिंग धारकों से बकाया टैक्स वसूलने को लेकर दंडाधिकारी व फोर्स प्रतिनियुक्त करने की मांग की गयी है. इस संबंध में गिरिडीह अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र भेजा गया है. पत्र के माध्यम से कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही के मद्देनजर गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत बड़े बकायेदारों का होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस शुल्क व उपभोक्ता जल शुल्क आदि पर अभी तक लक्ष्य के विरुद्ध शत प्रतिशत राजस्व की वसूली नहीं हो पायी है. इसके लिए झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 182, 184, 185 एवं 186 के तहत कार्रवाई करने तथा विधि व्यवस्था बनाये रखने हेतु दंडाधिकारी के साथ सशस्त्र पुलिस बल की आवश्यकता है. एसडीएम से अनुरोध किया गया है कि 16 से 31 मार्च तक दंडाधिकारी के साथ सशस्त्र पुलिस बल को प्रतिनियुक्त किया जाये. उन्होंने इस पत्र के साथ बकायेदारों की सूची भी संलग्न किया है.
150 होल्डिंग धारकों के पास है 66.51 लाख टैक्स बकाया
नगर निगम ने वैसे होल्डिंग धारकों की सूची जारी की है, जिनके पास टैक्स बकाया है. सूची में 150 होल्डिंग धारकों का नाम है. इन लोगों पर 66.51 लाख रुपया टैक्स बकाया है. इनमें से कई बड़े व्यवसायियों का भी नाम शामिल हैं. नगर निगम ने इन बकायेदारों के पास कई बार नोटिस भेजा है, लेकिन इन्होंने बकाया टैक्स जमा नहीं किया गया है. यही वजह है कि अब नगर निगम ने दंडाधिकारी व फोर्स की उपस्थिति में बकाया टैक्स वसूलने का निर्णय लिया है.
