गर्मी और उमस से बच्चे, बुजुर्ग और कामकाजी लोग सबसे अधिक परेशान हैं. भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पारंपरिक पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं. शहर के चौक-चौराहों और बाजारों में सत्तू शरबत और ईख के जूस की दुकानों पर लोगों की भीड़ रहती है. खासकर दोपहर के समय लोग ठंडा सत्तू पीकर राहत महसूस कर रहे हैं. वहीं ईख का जूस लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. शहरी क्षेत्र अंतर्गत कचहरी चौक, बड़ा चौक, बरगंडा चौक, बजरंग चौक, गांधी चौक, पचंबा, बोड़ो आदि इलाकों में इनका ठेला लगा हुआ रहता है. इन दुकानदारों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ सत्तू और जूस की बिक्री में काफी इजाफा हुआ है. कचहरी चौक पर सुबह से लेकर दोपहर तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. लोगों का कहना है कि बाजार में मिलने वाले ठंडे पेय पदार्थों की तुलना में सत्तू और गन्ने का रस ज्यादा फायदेमंद और प्राकृतिक होता है.
दैनिक कामकाज पर पड़ रहा असर
गर्मी का असर दैनिक कामकाज पर भी दिखने लगा है. दोपहर के समय बाजारों में चहल-पहल कम हो जाती है और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं. गर्मी से राहत पाने के लिए कई युवा खंडोली डैम पहुंचकर तैराकी का लुत्फ उठा रहे हैं. युवाओं का कहना है कि काफी देर तक नहाना अच्छा लगता है.
