बैठक में पंचायत सचिवों की समस्याओं, प्रशासनिक उत्पीड़न और लंबित मांगों को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया गया. संघ ने बगोदर के बीडीओ पर गंभीर आरोप लगाये हैं. प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि बीडीओ पंचायत सचिवों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार कर रही है. वहीं, बिना भवन आवंटन के मकान किराया काटना और छुट्टी के बावजूद सेवा पुस्तिका में वेतन कटौती की जा रही है. इसकी लिखित शिकायत डीसी और राज्य के आला अधिकारियों से करने का निर्णय लिया गया. साथ ही बीडीओ के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी गयी.
डीसी से बकाया भुगतान करने की मांग
बैठक में गिरिडीह डीसी से पंचायत सचिवों की वार्षिक वेतन वृद्धि और बकाया अंतर राशि का भुगतान तत्काल करने की मांग की गयी. कहा कि गांडेय प्रखंड में आवेदन के बावजूद समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. साथ ही पीरटांड़ प्रखंड के कर्मियों की एसीपी प्रोन्नति फाइल को जल्द निष्पादित करने की मांग की गयी. मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संगठन सचिव अशोक कुमार सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि आठवें वेतन आयोग के गठन तक 50 प्रतिशत डीए को मूल वेतन में जोड़कर भुगतान व 18 माह का बकाया डीए एरियर तुरंत दिया जाये. 2400 ग्रेड पे की विसंगतियों को दूर कर समाहरणालय लिपिकों की तर्ज पर प्रोन्नति शृंखला बनायी जाये. कहा कि जिन सचिवों की सेवानिवृत्ति में तीन वर्ष से कम समय बचा है, उन्हें उनके गृह प्रखंड में पोस्टिंग दी जाये. श्री सिंह ने कहा कि सरकारी सेवक को ठेकेदार न समझा जाये. योजनाओं में कमी होने पर पंचायत सचिवों से वसूली का आदेश तर्कहीन है. इसकी जिम्मेदारी सीधे लाभुकों की है और वसूली भी उन्हीं से होनी चाहिए.
बीपीआरओ का प्रभार जनसेवक को देने का विरोध
कहा कि संघ ने कई प्रखंडों में पंचायत सचिवों के रहते हुए भी नियमों के विरुद्ध बीपीआरओ का प्रभार नये जनसेवकों को देने पर एतराज जताया. संघ ने मांग की है कि कृषि कार्य के लिए नियुक्त जनसेवकों को पंचायत सचिव के प्रभार से मुक्त रखा जाये. संगठन को धार देने के लिए 21 जून जिला सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया. बैठक में जिला मंत्री राजकिशोर साहू, संगठन मंत्री संखय किस्कू, जिला उपाध्यक्ष दशरथ प्रसाद, इंद्रजीत महतो, निशा कुमारी, राजकुमार यादव समेत काफी संख्या में पंचायत सचिव उपस्थित थे.
