Giridih News :जिले में पैक्स गोदाम धान से भरे, नहीं हो रही खरीदारी

Giridih News :जिले में पैक्स गोदाम के भरने से धान की खरीदारी पर असर पड़ रहा है. किसान पैक्स केंद्र में पहुंचकर वापस हो रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है. जिले में 3,50,000 क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य है. इसके विरुद्ध अब तक मात्र 86,691 क्विंटल धान की ही खरीदी हो सकी है.

ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि पैक्स गोदाम में धान रखने की जगह नहीं है. इस मामले में मिल मालिकों की मनमानी की बात सामने आ रही है. मिल मालिकगोदाम से धान का उठाव करने में लापरवाही बरत रहे हैं. ट्रांसपोर्टिंग में बहानेबाजी हो रही है. आंकड़ों के अनुसार जिले में मिल मालिकों ने मात्र 38 प्रतिशत धान का ही अब तक उठाव किया है.

जिले में 58 पैक्स में खुले हैं धान खरीदारी केंद्र

विभागीय सूत्रों के अनुसार गिरिडीह जिले में कुल 58 पैक्स को धान खरीदी के लिए जिला अनुश्रवण समिति ने प्राधिकृत किया है. इन्हीं केंद्रों में वर्ष धान की खरीदारी होगी. वहीं जिले में चार कस्टम माइल्ड राइस सेंटर (सीएमआर) बनाये गये हैं. सीएमआर में मिल मालिकों को चावल देकर रिलीज ऑर्डर लेना है. इसी रिलीज ऑर्डर के जरिये मिल मालिक पैक्स गोदाम से धान का उठाव करते हैं. जिले में लगभग 90 प्रतिशत पैक्स गोदाम में धान का उठाव और खरीदारी पर व्यापक असर पड़ा है. इन गोदामों तक किसान धान लेकर पहुंच तो रहे हैं, लेकिन धान नहीं लेने पर वापस लौट जा रहे हैं. ऐसे में बिचौलियों की सक्रियता इलाके में बढ़ गयी है.

86690 में से 52057 क्विंटल धान पड़े हैं जिले के पैक्स गोदामों में

गिरिडीह जिले में कुल 58 पैक्स गोदाम हैं. इन गोदामों में धान स्टोर करने की क्षमता लगभग 58000 क्विंटल है. अधिकारियों की माने तो एक पैक्स गोदाम में लगभग 1000 क्विंटल धान रखने की क्षमता है. जिले में स्थिति यह है मिल संचालकों द्वारा धान का उठाव नहीं किया जा रहा है. इसे कारण पैक्स गोदामों में लगभग 52057 क्विंटल धान अभी भी पड़े हुये हैं. इनमें से लगभग 90% पैक्स गोदाम भर जाने से धान रखने की वर्तमान में जगह नहीं है. बता दें कि 17226 किसानों में से अब तक मात्र 1376 किसानों से 86690 क्विंटल ही धान की खरीदारी हो सकी है.

राइस मिल मालिकों पर बनाया जा रहा दबाव : डीएसओ

झारखंड राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक व डीएसओ गुलाम समदानी ने कहा कि कई पैक्स गोदाम में धान से भर गये हैं. इसके कारण धान खरादारी पर असर पड़ा है. इस मामले में मिल मालिकों पर धान उठाव के लिए दबाव बनाया जा रहा है, वहीं वेयर हाउस लेने की तैयारी भी की जा रही है. श्री समदानी ने कहा कि प्राइवेट या सरकारी वेयर हाउस लेकर धान रखने की योजना है. मिल मालिक द्वारा 290 क्विंटल चावल देकर 426 क्विंटल धान लेने का प्रावधान है. किसानों को धान के बदले भुगतान में कोई परेशानी नहीं हो रही है. उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के अंदर किसानों को भुगतान कर दिया जा रहा है. अभी तक कुल 16.64 लाख रुपये का भुगतान किसानों को 2450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया गया है.

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Author: PRADEEP KUMAR

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