वार्ता में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी नीतू कुमारी, बगोदर के सीओ प्रवीण कुमार, अमीन विनय पटेल, एनएचएआई के एसपी आर्या मौजूद थे. नीतू कुमारी ने कहा कि बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई. पूर्व में सर्वे के आधार पर भुगतान की नियमावली बनी हुई है. जो अवार्ड निर्धारित किया गया है, उसके आधार पर मुआवजा लेने के लिए कोई इच्छुक नहीं हैं. पूर्व में अवार्ड बन चुका है, वह फाइनल है. अब आगे रैयत विचार करेंगे. इसके बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी
आवासीय दर पर भुगतान करने की मांग
उन्होंने कहा कि आवासीय दर पर भुगतान की मांग की जा रही है, जबकि दो साल पहले इस पर कोई आपत्ति जतायी नहीं गयी थी. इधर बैठक में मौजूद मुखिया के पति जीवाधन मंडल ने कहा कि 1129 रैयतों का भुगतान लटका हुआ है. जो आवासीय है उसे कृषि दर पर ही मुआवजा देने की बात की जा रही है. इससे रैयतों में आक्रोश है. आज की बैठक में भी कोई सार्थक पहल नहीं होने से सहमति नहीं बनी. ग्रामीणों ने मांग की है कि आवासीय दर पर मुआवजा का भुगतान होगा, तभी हमलोग आगे बढ़ेंगे. मौके पर मुखिया संतोष कुमार, पंसस टेकनारायण साव, बिहारी लाल, रमेश मेहता, राजेश मंडल, अरुण मंडल, राजा कुमार समेत काफी संख्या में रैयत मौजूद थे.
