बैठक की अध्यक्षता डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ बिमल कुमार ने की. डीसी ने कहा कि आगामी पर्वों के दौरान उत्कृष्ट विधि-व्यवस्था, सुचारू यातायात व सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी पर्व आपसी सौहार्द, भाईचारे और सामाजिक समरसता के साथ संपन्न कराये जायें, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. साथ ही शांति समिति के सदस्यों, प्रबुद्धजनों और समाजसेवियों से सक्रिय सहयोग की अपील की. डीसी ने निर्देश दिया कि सभी बीडीओ, सीओ व थाना प्रभारी अलर्ट मोड में रहते हुए अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक करे और प्रभावी कदम उठायें. जुलूस के दौरान निर्धारित रूट में कोई बदलाव नहीं होगा और सभी जुलूस अपने तय समय पर निकलेंगे. जुलूस में जनेरेटर व लाइट की व्यवस्था रहेगी.
ड्रोन कैमरे के अलावा वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी होगी
डीसी ने स्पष्ट कहा है कि पूरे पर्व अवधि के दौरान संवेदनशील व भीड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से सतत निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके. विशेष रूप से रामनवमी के जुलूस के दौरान वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी अनिवार्य रूप से की जायेगी. कहा कि जुलूस के मार्ग, भीड़ की गतिविधियों और संवेदनशील स्थलों पर ड्रोन के माध्यम से प्रशासन व पुलिस के वरीय अधिकारी नजर रखेंगे. पर्व के दौरान किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक, अश्लील या भड़काऊ गानों के बजाने पर प्रतिबंध रहेगा. ऐसे गानों से सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका रहती है. इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आमजन और आयोजकों से अपील की कि पर्व को शांति, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ मनायें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.बिजली व पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने और चौक-चौराहों की बैरिकेडिंग का निर्देश
बिजली व पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखने की बात कही गयी. संबंधित विभागों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिया गया. वहीं, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, जुलूस मार्गों व भीड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था करने की भी बात कही गयी. अग्निशमन व स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है. अग्निशमन वाहनों को संवेदनशील इलाकों, जुलूस मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों के आसपास तैनात करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा जिला मुख्यालय के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग करने का निर्णय लिया गया है.
सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी नजर : एसपी
एसपी डॉ बिमल कुमार ने कहा कि पर्वों को लेकर जिले में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल उपलब्ध है और सभी की प्रतिनियुक्ति सुनियोजित तरीके से की जायेगी. संवेदनशील क्षेत्रों के साथ-साथ ऊंची इमारतों, भीड़ वाले इलाकों और प्रमुख जुलूस मार्गों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जायेगी. पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त करें. संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. बताया कि सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जायेगी. किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. साइबर सेल और संबंधित इकाइयों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है. एसपी ने आमजनों से अपील की कि वे अफवाह पर ध्यान ना दें और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं को आगे साझा ना करें. यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या माहौल बिगाड़ने का प्रयास दिखे, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय थाना, बीडीओ, सीओ या जिला नियंत्रण कक्ष को दें.
