मुख्य अतिथि विधायक जयराम महतो ने कहा कि झारखंड राज्य को अलग करने में वर्ष 1972 से 2000 तक स्व महतो का बहुमूल्य योगदान रहा था. उनके कार्य की कल्पना करना भी बहुत बड़ी बात है. संयुक्त सनातन गौ रक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि उनके त्याग व संघर्ष के बल पर झारखंड अलग राज्य बना. इसे भूलाया नहीं जा सकता. उन्होंने बंदी, रैली, आर्थिक नाकेबंदी आंदोलन का कुशल नेतृत्व करते हुए केंद्र सरकार को झुका दिया. उनकी प्रबंधन क्षमता का झारखंड आंदोलनकारी के पुरोधा बिनोद बिहारी महतो, दिशोम गुरु शिबू सोरेन, डॉ रामदयाल मुंडा सहित अन्य लोग लोहा मानते थे.
इनकी रही
उपस्थिति
श्रद्धा सुमन अर्पित करनेवालों में उनके पुत्र सुरेश महतो, सुरेंद्र महतो, जयलाल महतो, कैलाश महतो, संजय कुमार, संजय महतो, नकुल महतो, मनीष महतो, राहुल महतो, मनोज महतो, दीपक महतो, संदीप महतो, जेएलकेएम के प्रखंड अध्यक्ष अमित महतो,अशोक महतो शामिल थे.
