आचार्य द्विवेदी ने कहा कि पुत्र कुपुत्र हो सकता है, पर माता कभी कुमाता नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि मां की ममता, स्नेह और वात्सल्य का कोई मोल नहीं है. जीवन की शुरुआत भी मां के आंचल की छांव में ही होती है और वही मनुष्य को संस्कार देती है. उन्होंने श्रद्धालुओं से भक्ति, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया.
आयोजन में ये हैं सक्रिय
महायज्ञ के आयोजन में पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा, शिवशंकर महतो, नारायण साव, सिकंदर विश्वकर्मा, दीपक विश्वकर्मा, दिनेश वर्मा, गजानन वर्मा, प्रयाग विश्वकर्मा, सच्चिदानंद वर्मा, काली महतो, कुलदीप शरण आदि सक्रियहैं. संचालन विवेक राज कर रहे हैं. अयोध्या की रामलीला मंडली के कलाकारों का अभिनय देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. यज्ञाचार्य शिवनंदन पांडेय, पुरोहित सतीश पांडेय एवं मुख्य यजमान महेंद्र वर्मा हैं.
