मांग पत्र देते हुए मनरेगा कर्मियों ने कहा है कि मनरेगा के सफल संचालन में राज्य के हजारों कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. सीमित मानदेय और अस्थायी सेवा शर्तों के बावजूद कर्मियों ने वर्षों से ग्रामीण विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में अहम योगदान दिया है. इसके बावजूद आज तक उन्हें सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, सामाजिक सुरक्षा और उचित वेतन जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है. संघ के नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार को मनरेगा कर्मियों के लिए स्थायीकरण नीति बनाकर उन्हें योग्यता व अनुभव के आधार पर स्थायी पदों पर समायोजित करना चाहिये.
समान ग्रेड पे देने की मांग
साथ ही राज्य कर्मियों के समान ग्रेड-पे के साथ नियमित वेतन संरचना लागू करने व मार्च 2026 तक के लंबित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गयी. विधायक ने उनकी मांगों जायज बताया. कहा आने वाले विधानसभा सत्र में उनकी मांगें रखी जायेगी. मौके पर अध्यक्ष सुरेश प्रसाद वर्मा, शाहनवाज हुसैन समेत रोजगार सेवक मौजूद थे.
