संघ के सदस्यों का कहना है कि वे पिछले लगभग 20 वर्षों से संविदा के आधार पर विभाग में कार्य कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें पूरी नहीं हुई हैं. कर्मचारियों ने इसे करो या मरो की लड़ाई बताते हुए कहा कि इस बार आंदोलन निर्णायक होगा. मनरेगा कर्मचारी संघ ने सरकार के सामने पांच सूत्री मांगें रखी हैं. इनमें ग्रेड पे लागू करना, कर्मचारियों का स्थायीकरण, सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था, पिछले वर्ष घोषित 30 प्रतिशत बढ़ोतरी को लागू करना तथा पिछले 10 महीनों से लंबित मानदेय का भुगतान शामिल है. संघ का कहना है कि पूरे प्रदेश के मनरेगा कर्मचारी इस आंदोलन के समर्थन में एकजुट हैं और जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मौके पर संघ के प्रखंड अध्यक्ष फिरोज अहमद, सचिव शंकर प्रसाद वर्मा, जेई रूपेश कुमार, लेखा सहायक अनिल टुडू, राधा देवी समेत कई मनरेगा कर्मचारी मौजूद थे.
अधिक असर नहीं पड़ेगा : डीडीसी :
जिले में मनरेगा कर्मियों की तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के संबंध में डीडीसी स्मृति कुमारी ने बताया है कि इससे बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.
बेंगाबाद में मनरेगा कर्मी ने भी शुरू की हड़ताल
मनरेगा कर्मियों की तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल सोमवार से शुरू हो गयी. प्रखंड सह अंचल कार्यालय के गेट के समक्ष सांकेतिक हड़ताल में शामिल मनरेगा कर्मियों ने कोई कार्य नहीं किया. प्रखंड सचिव नवीन कुमार ने कहा कि मनरेगा कर्मियों के साथ सरकार नाइंसाफी कर रही है. धरना में बीपीओ, लेखा सहायक, जेई, एई के अलावा रोजगार सेवकों ने भाग लिया. मौके पर प्रखंड अध्यक्ष हासिम हुसैन, कोषाध्यक्ष संतोष त्यागी, धर्मेंद्र सिंह, सिराज अंसारी, अमजद हुसैन, फैजुद्दीन, जोपला मुर्मू, लक्ष्मण किस्कू, पुरन पंडित, असरार आलम, भीम महतो, मुख्तार अहमद, केदारनाथ प्रसाद सहित अन्य उपस्थित थे.
