बगोदर के प्रवासी मजदूर की अफ्रीकी देश मोजांबिक में मौत

बगोदर थानांतर्गत अंबाडीह के एक प्रवासी मजदूर की मौत द अफ्रीकी देश मोजांबिक में हो गयी है. मृतक मजदूर प्रेमचंद्र महतो (47) मोजांबिक में काम के दौरान मौत हो गयी. सहकर्मी मजदूरों ने इसकी सूचना परिजनों को दी.

टावर लाइन में मोजांबिक में करता था काम

बगोदर.

बगोदर थानांतर्गत अंबाडीह के एक प्रवासी मजदूर की मौत द अफ्रीकी देश मोजांबिक में हो गयी है. मृतक मजदूर प्रेमचंद्र महतो (47) मोजांबिक में काम के दौरान मौत हो गयी. सहकर्मी मजदूरों ने इसकी सूचना परिजनों को दी. बताया जाता है कि मृतक केईसी इंटरनेशनल कंपनी में टावर लाइन में काम करता था. प्रेमचंद 30 नवंबर 2021 को मोजांबिक गया था. मृतक अपने पीछे मां टेकनी देवी देवी, पत्नी भगिया देवी, पुत्र नरेश कुमार (24) और टेकलाल कुमार (20) समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है. इधर, मौत की सूचना परिजनों को मिलते ही रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में शोक व्याप्त है.

रोजगार को लेकर पलायन मजबूरी है :

बताते चलें कि स्थानीय स्तर पर मजदूरों को बेहतर रोजगार और सम्मानजनक वेतन नहीं मिलने के कारण मजदूरों को विदेशों में काम करने की मजबूरी है. ऐसे में बगोदर प्रखंड की एक बड़ी आबादी देश-विदेश में मजदूरी करने के लिए पलायन करने की विवशता है. इन मजदूरों को भी विदेशों में काम के साथ कई तरह की यातनाएं झेलनी पड़ती हैं. काम लेकर पूरा भुगतान नहीं करना, दुर्व्यवहार मजदूरों की बड़ी समस्या है. गिरिडीह, हजारीबाग, बोकारो जिलों से मजदूर विदेशों में कार्यरत हैं.

दुर्घटना होने पर संवेदक पिंड छुड़ा लेते हैं :

किसी भी कीमत पर रोजगार को मारे-मारे फिरनेवाले सभी मजदूर स्थानीय संवेदकों के माध्यम से विदेश जाते हैं. उनके साथ किसी तरह की घटना होने पर संवेदक पिंड छुड़ा लेते हैं. ऐसे में परिजनों को जीवन भर परेशानी उठानी पड़ती है. इधर, प्रवासी मजदूर के हित में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने बताया कि ऐसे में स्थानीय स्तर पर रोजगार की व्यवस्था नहीं होने से मजदूरों का पलायन बदस्तूर जारी है. ऐसे में मजदूरों के साथ लगातार दुर्घटनाएं होती रहती है. परिजनों ने घर के मुखिया का पार्थिव शरीर घर लाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन से गुहार लगायी है.

प्रवासी मजदूर का शव पहुंचा गांव, पसरा मातम

गावां

. गावां प्रखंड की बादीडीह पंचायत के नावाडीह निवासी रामू प्रसाद यादव का शव रविवार की तड़के गांव पहुंचा. रामू की मौत शुक्रवार की शाम पुणे में हो गयी थी. ग्रामीणों के आर्थिक सहयोग से शव को गांव लाया गया. शव के पहुंचते ही परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया. पूर्व विधायक राजकुमार यादव मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढाढ़ंस बंधाया. हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया. मौके पर पंसस अखिलेश यादव, बसंत कुमार, पिंटू कुमार, प्रदीप कुमार समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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