Giridih News :झारखंड बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन कर गिरिडीह शहर में बनाये जा रहे हैं भवन

Giridih News :गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में झारखंड बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन धड़ल्ले से और बेखौफ होकर किया जा रहा है. गड़बड़ी करने वाले लोगों में न ही भवन तोड़े जाने का भय है और ना ही जुर्माना वसूले जाने का कोई अंदेशा. फलस्वरूप खुलेआम लोग मनमानी करते देखे जा रहे हैं.

बता दें कि पूरे झारखंड में नगर निकाय क्षेत्र में झारखंड बिल्डिंग बायलॉज 2016 लागू है और इसी बायलॉज के अनुसार शहरी क्षेत्र में भवनों का निर्माण किया जाना है. बताया जाता है कि बायलॉज में निर्धारित अधिकांश प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है. वहीं नगर निगम के अधिकारियों की चुप्पी से ऐसे लोगों का मनोबल काफी बढ़ता जा रहा है. नै ही सेटबैक एरिया छोड़ा जा रहा है और ना ही बिल्डिंग बायलॉज के एफएआर का पालन ही किया जा रहा है. किसी भी जमीन के प्लॉट के क्षेत्रफल के अनुपात में ही भवन निर्माण करने का प्रावधान है. गिरिडीह में 2.5 एफएआर निर्धारित है, जबकि लोग प्लॉट की पूरी जमीन पर भवन का निर्माण धड़ल्ले से कर रहे हैं. इतना ही नहीं, प्रत्येक प्लॉट में फ्रंट सेटबैक, रियर सेटबैक और साइड सेटबैक छोड़ने का भी प्रावधान है. इसके बावजूद इन प्रावधानों की भी अनदेखी की जा रही है.

न्यूनतम पांच फीट भी फ्रंट सेटबैक नहीं छोड़ते लोग

यदि गिरिडीह के शहरी क्षेत्र की मुख्य मार्गों की बात करें तो फ्रंट और साइड सेटबैक नहीं छोड़े जाने से सड़कें संकरी हो जा रही है. गिरिडीह टावर चौक से पचंबा तक नये सड़क निर्माण के दौरान भी सेटबैक छोड़ने के प्रावधानों की अनदेखी हुई है. वहीं, गिरिडीह आंबेडकर चौक से बस स्टैंड तक एक फीट भी जमीन भवन मालिकों ने सेटबैक के रूप में नहीं छोड़ा है. छोटे-छोटे प्लॉट में भी न्यूनतम पांच फीट सेटबैक छोड़ने का प्रावधान रहने के बाद भी लोगों ने बेखौफ होकर जमीन के पूरे हिस्से में भवन बना दिया है.

मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन लगता है जाम

गिरिडीह शहर के आंबेडकर चौक से बस स्टैंड, मौलाना आजाद चौक से गिरिडीह रेलवे स्टेशन, गिरिडीह रेलवे स्टेशन से बभनटोली, मौलाना आजाद चौक से मुस्लिम बाजार होते हुए बड़ा चौक, बड़ा चौक से तिरंगा चौक, गांधी चौक से तिरंगा चौक, बक्सीडीह रोड, चंदौरी रोड समेत कई मुख्य मार्ग हैं जिसमें वाहनों का परिचालन काफी ज्यादा होता है. इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं. फलस्वरूप मुख्य मार्ग पर प्रति दिन जाम की समस्या से लोग परेशान हैं. कई स्थानों में सड़क के किनारे भवन निर्माताओं ने निर्धारित फ्रंट और साइड सेटबैक छोड़ा भी नहीं है. इसके विपरीत अपने घर के सामने फुटपाथों पर फुटपाथ विक्रेताओं को दुकान लगाने की छूट देकर पैसे की वसूली भी करते हैं. कई स्थानों पर कॉमर्शियल भवन बने हुए हैं, जहां सेटबैक नहीं छोड़े जाने के कारण लोग सड़कों पर ही बाइक या अन्य वाहन लगाकर दुकानों में खरीदारी करते हैं. ऐसे में वाहनों का परिचालन बड़े पैमाने पर प्रभावित होता है.

नक्शा पारित कराने के बाद भी भवन निर्माण में किया जा रहा है विचलन

गौरतलब बात तो यह है कि कई लोग बिना नक्शा पारित कराये ही भवनों का निर्माण कर रहे हैं. इसके अलावे कई ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने नक्शा पारित तो करा लिया है, लेकिन नक्शा पारित होने के बाद भी उसके अनुरूप भवन का निर्माण नहीं कर रहे हैं. पारित नक्शा में बड़े पैमाने पर विचलन कर आलीशान भवन खड़ा किया जा रहा है. कई लोगों ने आवासीय भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराया है, जबकि वे कॉमर्शियल भवन का निर्माण कर रहे हैं. नगर निगम की सूत्रों की मानें तो अंबेडकर चौक से बस स्टैंड तक जाने वाली सड़क पर बनाये गये भवन में बड़े पैमाने पर धांधली की गयी है. सूत्रों की मानें तो अंबेडकर चौक के पास एक व्यवसायी ने एक प्लॉट खरीदा है और इस प्लॉट पर तीन-तीन छोटा प्लॉट में आवासीय नक्शा दर्शाकर उसे पारित करा लिया गया है. जबकि इस प्लॉट पर मॉल बनाया जा रहा है. बताया जाता है कि नगर निगम ने 1450 स्क्वायर फीट पर ही भवन निर्माण की स्वीकृति दी है. जबकि 2550 स्क्वायर फीट का भवन तैयार किया गया है. इस प्लॉट में लगभग 43 प्रतिशत का विचलन किया गया है. यहां न ही बिल्डिंग बायलॉज के एफएआर का पालन किया गया है और न ही फ्रंट व साइड सेटबैक छोड़ने के प्रावधानों का पालन किया गया है.

बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करने वाले किये जायेंगे चिह्नित : उप नगर आयुक्त

झारखंड बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन किये जाने के सवाल पर उप नगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक ने कहा कि नगर निगम ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ शीघ्र ही सख्त कार्रवाई शुरू की जायेगी. कहा कि शीघ्र ही भवनों की जांच-पड़ताल शुरू होगी और बायलॉज का उल्लंघन करने वाले लोग चिह्नित किये जायेंगे. मुख्य मार्ग पर बने भवनों की जांच प्राथमिकता के आधार पर करायी जायेगी. श्री लायक ने यह भी बताया कि सूचना मिलने पर मामले की जांच की जाती रही है. अभी तक 15-20 लोगों को बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन के मामले में नोटिस किया गया है. अब इस मामले में ठोस कार्रवाई की जायेगी.

(राकेश सिन्हा, गिरिडीह)B

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Published by: Pradeep kumar

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