लगातार अंधेरे और ऊमस भरी गर्मी से परेशान लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है. इसी कड़ी में रविवार को इंकलाबी नौजवान सभा ने सरिया स्थित पावरग्रिड के समक्ष नारेबाजी करते हुए वहां कार्यरत बिजली कर्मियों को बिजली विभाग के अधिकारियों के नाम चेतावनी भरा ज्ञापन सौंपा है. संगठन ने विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि आनेवाले दिनों में विद्युतापूर्ति को कम से कम 18–20 घंटे तक बहाल नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों को अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जायेगा. कार्यक्रम में आरवाइए राष्ट्रीय परिषद सदस्य सोनू पांडेय, जिलाध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद यादव, प्रखंड सचिव छोटूलाल रविदास, प्रखंड उपाध्यक्ष राहुल राज मंडल, अमन पांडेय, बालेश्वर वर्मा, विकास साहू, कृष्णा आदि लोग मौजूद रहे.
एक सप्ताह से बिजली व्यवस्था
अस्त-व्यस्त
आरवाइए के राष्ट्रीय परिषद सदस्य सोनू पांडेय ने कहा कि बगोदर, सरिया और बिरनी क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से लगातार विद्युतापूर्ति बाधित है. फलत: लोगों को पीने के पानी, पंखे और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र को मानो फिर से लालटेन युग में धकेल दिया गया हो. एक तरफ ये समस्या बिजली विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता को दर्शाता ही है, दूसरी तरफ ये स्थानीय जनप्रतिनिधियों के व्यावहारिक उदासीनता और कर्तव्यहीनता को भी दर्शाता है. जबसे बगोदर में भाजपा के विधायक जीत कर आए हैं, प्रशासनिक अधिकारी चाहे वो जिस भी क्षेत्र के हों, पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं. उसी का नतीजा है कि आज बिजली विभाग के अधिकारियों के मनमानी रवैए ने हमें इस भीषण तपती गर्मी में अंधेरे में जीवन यापन करने को विवश कर दिया है. बिजली मेंटेनेंस के नाम पर गर्मी में दिन दिन भर संवेदक और बिजली अधिकारियों की मिलीभगत से लाइन काटा जा रहा है. मेंटेनेंस के नाम पर संवेदक एकदम घटिया गुणवत्तावाले तार का इस्तेमाल कर रहा है. जिस हिसाब से बिजली के एक खंभे से दूसरे खंभे के बीच जो दूरी होनी चाहिए उसे बढ़ाकर यहां भी घोटाला किया जा रहा है. ये सारी चीजें बिजली विभाग के आला अधिकारियों की संपूर्ण देखरख में की जा रही है. इसमें संवेदक और स्थानीय बिजली अधिकारियों की समुचित मिलीभगत है, जो जांच का विषय है. इंनौस ने बिजली विभाग के मेंटेनेंस कार्य का एस्टीमेट जनता के बीच सार्वजनिक करने और गुणवत्तापूर्ण काम कराने की मांग की है. संगठन ने विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि आनेवाले दिनों में विद्युतापूर्ति को कम से कम 18–20 घंटे तक बहाल नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों को अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी सारी जवाबदेही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी.
संवाददाता: लक्ष्मी नारायण पांडेय