उक्त पहाड़ी पर पिछले कई दिनों से यह धंधा चल रहा है. अवैध खनन में मशीनों का प्रयोग हो रहा है. सूत्रों के अनुसार उक्त पहाड़ी पर देर रात में दो-दो मशीनों से खनन और तीन-चार ट्रैक्टर से ढुलाई की जा रही है. बड़े आकार वाले माइका को रात में ही वहां से हटा दिया जाता है. वहीं छोटे-छोटे माइका की चुनने में दिन में महिला-पुरुष को लगा दिया जाता है. वैसे तो प्रखंड के कई क्षेत्रों में माइका का अवैध खनन तल रहा है.
छापेमारी का भी नहीं हो रहा असर
प्रशासन और वन विभाग की लगातार छापेमारी के बाद भी माइका का अवैध खनन और तस्करी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. प्रखंड के एक दर्जन से ज्यादा तस्कर इस कार्य में सक्रिय हैं और प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर प्रतिदिन प्रखंड के मंसाडीह, नारोटांड़, सिंघो, बरवाडीह आदि क्षेत्रों से लाखों रुपये की माइका की तस्करी कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार वर्तमान में तिसरी से गावां प्रखंड के विभिन्न रास्तों से कोडरमा और डोमचांच माइका ले जाया जा रहा है. शनिवार की रात बरवाडीह के अफरवा पहाड़ी पर मशीन चल रही थी. नाम नहीं छापने की शर्त पर बरवाडीह के कुछ लोगों ने बताया कि उक्त पहाड़ी पर पूरी रात माइका का अवैध खनन किया जाता है. इसके बाद वाहनों से उसकी तस्करी की जाती है.मामले की सत्यता की जांच कर होगी कार्रवाई : रेंजर
इस बाबत रेंजर अनिल कुमार ने कहा कि वन विभाग लगातार अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करता आ रहा है. किसी भी सूरत में वन क्षेत्र में कोई अवैध कार्य किसी को नहीं करने दिया जायेगा. खबर मिली है कि अफरवा पहाड़ी पर गैरकानूनी काम हो रहा है. इसकी सत्यता की जांच करवायी जायेगा. मामला सही मिला, तो अवैध कार्य में शामिल लोगों को चिह्नित कर विभाग कार्रवाई करेगा.
