जागरुकता रैली में बच्चों एवं महिलाओं ने जल है तो कल है, जल ही जीवन है, जल बचेगा तो जीवन बचेगा समेत अन्य नारे लगाकर लोगों को जल बचाने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद सभा मेंविश्व जल दिवस की महत्ता लोगों को बतायी गयी. जल संचयन के उपाय बताये गये.
भविष्य के जल संचयन जरूरी
वक्ताओं ने कहा कि जल संचयन समय की मांग है. यदि हम आज जल संचयन नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ी को गंभीर संकट से गुजरना पड़ेगा. फाउंडेशन के भीम सिंह ने बताया कि उदयपुर पंचायत के गांवों में वर्षा जल संचयन के लिए रेन वाटर, हार्वेस्ट माडल, तालाब जीर्णोद्धार व पौधरोपण का कार्य किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल का संचयन किया जा सके. मौके पर संस्था के राजकिशोर पंडित, मंजू कुमारी, अरुण वर्मा, मानवेल हेंब्रम, छोटेलाल, जोप्टिन हांसदा, सुनीता कुमारी, अनिता मरांडी, आनंद टुडू समेत अन्य उपस्थित थे.
