ऐसे में पंचायत को इंटरनेट कनेक्शन से जोड़ने और यहां से अन्य सरकारी कार्यालयों में इंटरनेट कनेक्शन देने का सपना धरातल पर पूरी तरह से फेल हो गया है. पंचायत सचिवालय के सारे ऑनलाइन कार्य को करने की योजना भी साकार नहीं हो पायी. ऐसे में पंचायत के कामकाज प्रखंड मुख्यालय से कराने की विवशता पंचायत कार्य एजेंसी को उठानी पड़ रही है.
भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत लगाया गया सेटअप बाॅक्स
बता दें कि बेंगाबाद के सभी पंचायत सचिवालयों में भारत ब्राॅडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) का सेटअप बाॅक्स को लगाया गया है. भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत सभी पंचायत सचिवालयों में फाइबर इंटरनेट के माध्यम से कम मासिक शुल्क पर तेज इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना थी. इसके लिए केबल को पंचायत सचिवालयों तक जोड़ने की तैयारी जोर शोर से चली, लेकिन किसी भी पंचायत में इसे चालू नहीं किया जा सका और इंटरनेट की व्यवस्था का दावा सिफर साबित हुआ. इस योजना के लागू होने से पंचायत सचिवालयों के साथ पंचायत के अन्य सरकारी भवनों में यहां से लोकल बाइएसपी वाले फाइबर से जोड़ा जाना था. इससे सभी सरकारी संस्थानों में नेट की सुविधा मिलनी थी. इसके लिए अन्य निजी कंपनियों से भुगतान भी कम करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.
ऑन द स्पाॅट कार्यों के निष्पादन में होती है परेशानी
बताया जाता है कि सरकार की ओर से समय समय पर पंचायत स्तर पर शिविर का आयोजन किया जाता है. सरकार आपके द्वार कार्यक्रम भी पंचायत स्तर पर आयोजित होते हैं. इन मौकों पर जनता के आवेदनों का आन द स्पाॅट निराकरण का निर्देश रहता है. वर्तमान में राजस्व विभाग का शिविर पंचायत स्तर पर आयोजित हो रहा है. इन शिविरों में जनता के अधिकांश आवेदनों को ऑनलाइन निष्पादन करने की विवशता होती है, लेकिन नेट कनेक्शन पंचायतों में नहीं होने के कारण आन द स्पाॅट निराकरण नहीं हो पा रहा है.
राजस्व कर्मचारी ने कहा
गुरुवार को छोटकी खरगडीहा में आयोजित राजस्व शिविर में पहुंचे राजस्व कर्मचारी पिंटू कुमार राय ने कहा कि प्राप्त आवेदनों को लेकर अंचल कार्यालय में बैठकर निष्पादन किया जायेगा, जबकि जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र के आवेदकों को ऑफलाइन रिपोर्ट की गयी है, जिसे बाद में आनलाइन कराया जायेगा. कहा कि पंचायतों में नेट की सुविधा नहीं होने से परेशानी होती है.
