बैठक में डीसी ने योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों तथा लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धियों की गहन समीक्षा की. उन्होंने वीसी से जुड़े सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मनरेगा एवं आवास योजनाओं के अंतर्गत संचालित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक लाभुकों को योजनाओं का लाभ मिल सके. डीसी ने कहा कि “मनरेगा का विश्वास, रोजगार से विकास” अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हुए आधारभूत संरचना एवं स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है.
कैंप के माध्यम से ई-केवाईसी कराने का दिया निर्देश
उन्होंने मजदूरों को 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने, सक्रिय मजदूरों का कैंप के माध्यम से ई-केवाईसी कराने तथा वंचित परिवारों को चिन्हित कर उन्हें मनरेगा योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिया. डीसी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की एक महत्वपूर्ण योजना है. उन्होंने कार्यों के क्रियान्वयन में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया. साथ ही निर्देश दिया कि योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू की जाये तथा लंबित योजनाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित हो. इसके अतिरिक्त डीसी ने आवास योजनाओं की समीक्षा करते हुए लाभुकों को समय पर आवास उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को लाभुकों का नियमित अनुश्रवण करने तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवास निर्माण कार्य पूर्ण किया जा सके. डीसी ने सभी पदाधिकारियों को योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया. बैठक में डीडीसी स्मृता कमारी, डीआरडीए निदेशक रंथू महतो, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी एवं जेएसएलपीएस के डीपीएम उपस्थित थे.
