Giridih News :दंपती हत्याकांड के उद्भेदन में जुटी पुलिस, कई पहलुओं पर हो रही जांच
Giridih News :मधुबन थाना क्षेत्र की छछंदो पंचायत के तिरीलटांड़ गांव में दंपती हत्याकांड के उद्भेदन को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई में जुटी है. सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पुलिस जांच कर रही है.
मधुबन पुलिस की टीम गुरुवार को भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले से जुड़े बिंदुओं की पड़ताल की. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है. टेक्निकल सेल की सहायता से घटना से संबंधित महत्वपूर्ण सुराग एकत्र किए जा रहे हैं. मामले के खुलासे को लेकर एसडीपीओ आबिद खान स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं और पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं.
एक व्यक्ति पर 10 बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी
घटना के बाद हांसदा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. अज्ञात नकाबपोश अपराधियों द्वारा धारदार हथियार से किये गये हमले में पतिया हांसदा और उनकी पत्नी परनी देवी की मौत हो गयी. इस घटना के बाद उनके चार बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है. पतिया हांसदा के बड़े भाई दुर्गा हांसदा मधुबन में दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है. अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गयी है. दुर्गा हांसदा के स्वयं के पांच बच्चे हैं, जिनमें दो पुत्र और तीन पुत्रियां शामिल हैं. परिवार की त्रासदी यहीं खत्म नहीं होती. करीब सात वर्ष पूर्व दुर्गा हांसदा के मंझले भाई की भी मृत्यु हो गयी थी. कुछ समय बाद उनकी पत्नी का भी निधन हो गया. उस समय से उसके बच्चों की जिम्मेदारी भी दुर्गा ने ही संभाली थी. अब छोटे भाई पतिया हांसदा और उसकी पत्नी की हत्या के बाद उनके चार बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी दुर्गा पर आ गयी है. ऐसे में एक दिहाड़ी मजदूर के सामने कुल 10 बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है.
बातचीत में भावुक हो रहा था दुर्गा
गुरुवार को बातचीत के दौरान दुर्गा बार-बार भावुक हो रहा था. छोटे भाई और भावज की मौत का दर्द उनकी आंखों से छलक रहा था. उसने कहा कि मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का खर्च चलाते थे, लेकिन अब 10 बच्चों की जिम्मेदारी उठाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गयी है. गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर इस पीड़ित परिवार की मदद करनी चाहिए, ताकि अनाथ हुए बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके.
गांव में पसरा रहा मातम
इधर, गुरुवार दोपहर तिरीलटांड़ गांव में घटना मातम और भय का माहौल दिखा. गांव की गलियां लगभग सुनसान नजर आयीं. मृतक पतिया हांसदा के घर के समीप एक पेड़ के नीचे ग्रामीणों का समूह बैठा मिला. ग्रामीणों के चेहरों पर घटना को लेकर दुख और चिंता साफ झलक रही थी.
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