झारखंड राज्य वित्त रहित संयुक्त संघर्ष मोर्चा के राज्यव्यापी आह्वान पर घाघरा इंटर साइंस कॉलेज के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी बुधवार को एक दिवसीय शैक्षणिक हड़ताल पर रहे. हड़ताल के कारण कॉलेज में दिनभर पठन-पाठन समेत अन्य कार्य प्रभावित रहे. सभी शिक्षक-कर्मी कॉलेज के मुख्य द्वार पर एकत्रित हुए और धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की.
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने 75 प्रतिशत अनुदान देने, वित्तीय वर्ष 2025-26 की लंबित अनुदान राशि जारी करने और वित्त रहित शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए सेवाशर्त नियमावली लागू करने समेत विभिन्न मांगें उठायीं. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से लंबित मामलों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की.
75 प्रतिशत अनुदान देने की मांग
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वसीम अहमद ने कहा कि राज्यभर के वित्त रहित उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय, मदरसा और इंटर कॉलेजों के शिक्षक व कर्मचारी 75 प्रतिशत अनुदान की मांग कर रहे हैं. उनके अनुसार, वित्त रहित संस्थानों के शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से कम मानदेय में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को संचालित करने में योगदान दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कार्मिक विभाग के पत्र के आलोक में वित्त रहित शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए सेवाशर्त नियमावली बनाने संबंधी निर्देश स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को दिया गया है. इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जानी चाहिए.
223 स्कूल-कॉलेजों का अनुदान लंबित होने का दावा
शिक्षक प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिश्रा ने कहा कि राज्यभर में वित्त रहित उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय, मदरसा और इंटर कॉलेजों के कर्मचारी सेवाशर्त नियमावली की मांग कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य के 223 स्कूलों और इंटर कॉलेजों की वित्तीय वर्ष 2025-26 की अनुदान राशि रोक दी गयी है.
उन्होंने कहा कि संबंधित संस्थानों की ओर से अपीलीय आवेदन दिये जाने के बावजूद 31 अगस्त तक अनुदान समिति की बैठक नहीं हो सकी. इससे संबंधित स्कूल-कॉलेजों को अनुदान की राशि नहीं मिल पा रही है. उन्होंने सरकार से बिना देरी किये अनुदान समिति की बैठक बुलाकर लंबित राशि जारी करने की मांग की.
सावित्रीबाई फुले योजना का पोर्टल खोलने की मांग
शिक्षक प्रतिनिधि ने वित्त रहित संस्थानों की छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन की सुविधा पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराने की भी मांग की. उनका कहना है कि वित्त रहित संस्थानों को भी योजना के आवेदन की अनुमति मिलने से अधिक छात्राओं को इसका लाभ मिल सकेगा.
शिक्षक-कर्मियों ने जतायी एकजुटता
हड़ताल में प्रो. भावना कुमारी यादव, प्रो. श्रद्धा मिश्रा, प्रो. अनुपम अंजलि सिन्हा, प्रो. सुधीर कुमार राम, प्रो. सुभाष कुमार, प्रो. बिनोद यादव, प्रो. हेमलाल महतो, प्रो. पंकज कुमार, प्रो. बुधन महतो, प्रो. रवि कुमार, प्रो. सुरभि, प्रो. गायत्री महतो समेत कई शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल रहे.
