यहां के जंगलों में सखुआ, महुआ, साल, परियार, करम, आंजन, खैर समेत अन्य पौधे पाये जाते हैं. पिहरा, गदर, बिरने, नीमाडीह, जमडार व पसनौर से सटे वन क्षेत्र में आये दिन धड़ल्ले से जंगल से पेड़ों कटाई हो रही है. यहां से काटे गये बेशकीमती लकड़ियों को बाहर भी भेजा जाता है. सूत्रों के अनुसार जंगल में कीमती लकड़ियों को काटकर रखा जाता है. बाद में उसे वाहन से ढोया जाता है. पिहरा, नीमाडीह, जमडार समेत अन्य क्षेत्रों से बेशकीमती पेड़ों की कटाई से वन क्षेत्र सिमटता जा रहा है. जिन क्षेत्रों में एक दशक पूर्व घने जंगल रहते थे, वहां अब झाड़ियां नजर आती है.
Giridih News :पेड़ों की कटाई से सिमटता जा रहा है वन क्षेत्र
Giridih News :गावां क्षेत्र में लगातार हो रहे पेड़ों की कटाई से वन क्षेत्र सिमटता जा रहा है. इस समय गावां रेंज के अंतर्गत 58 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र है.
