बताया जाता है कि जिले के गिरिडीह मुफस्सिल क्षेत्र, बेंगाबाद, गांडेय, बिरनी, जमुआ, बगोदर, देवरी, धनवार और पीरटांड़ के इलाके में अवैध आरा मिलों में जंगल की लकड़ियों की धड़ल्ले से चिराई हो रही है और उसे दूर-दराज के इलाके में खपाया जा रहा है. आरा मिल के कई संचालक खुद ही लकड़ियों की सामग्री तैयार करते हैं और जिला व जिले से बाहर तक भेजते हैं. हालांकि समय-समय पर वन विभाग भी लकड़ी के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया गया है. विभागीय कार्रवाई का कोई खौफ इन आरा मिलों के संचालकों को नहीं है. तू डाल-डाल, मैं पात-पात कहावत की तर्ज पर अवैध कारोबारी जगह बदल-बदलकर अपना धंधा जारी रखते हैं. गिरिडीह जिला मुख्यालय से सटे गिरिडीह मुफस्सिल क्षेत्र के बंदरकुप्पी, परसाटांड़, हिरणपुर के अलावे पीरटांड़ के अंगईया, घंघराबारी व कुंडको, धनवार प्रखंड के घोड़थंभा, बुधवाडीह, गोदगो आदि इलाके में भी अवैध आरा मिल संचालित हैं.
छापेमारी के बाद पुन: बेखौफ जारी है कारोबार
जानकारी के अनुसार कई प्रखंडों में गत छह माह के दौरान वन विभाग ने छापेमारी कर भारी मात्रा में लकड़ियों के साथ आरा मिलों के उपकरण आदि बरामद किया था. बावजूद इसके इन इलाकों में फिर से यह धंधा शुरू कर दिया गया है. विदित हो कि पिछले 26 फरवरी को ही गांडेय के अहिल्यापुर थानांतर्गत बेलाटांड़ में वन विभाग ने छापेमारी की थी. इस छापेमारी में अवैध लकड़ियों के साथ चार ट्रैक्टर, तीन बाइक और लकड़ी, मशीन आदि सामान बरामद हुए थे. गिरिडीह के अलगुंदा व शाखाबारा के साथ-साथ बगोदर के कुछ इलाकों में छापेमारी कर लकड़ियां व मिल के उपकरण आदि जब्त किये गये थे, जबकि बगोदर के कुदर जंगल से लकड़ियों से लदे दो ट्रैक्टर भी पकड़े गये थे.
लकड़ियों के अवैध कारोबार पर फिर होगी कार्रवाई : डीएफओ
डीएफओ मनीष तिवारी ने कहा कि सूचनाएं मिलने पर समय-समय पर अवैध आरा मिलों पर कार्रवाई की गयी है. छापेमारी में कई बार बड़ी सफलता भी मिली है. कहा कि इस बार भी कई स्थानों से अवैध आरा मिलों के संचालन को लेकर सूचनाएं मिल रही हैं. बहुत जल्द इन अवैध आरा मिलों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि लकड़ियों के अवैध कारोबार को रोकने के लिए फिर से बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया जायेगा.
सीमावर्ती इलाके में खुलेआम चल रहे अवैध आरा मिल
पुलिस प्रशासन व वन विभाग से बचने के लिए कई धंधेबाज सीमावर्ती इलाके में अवैध कारोबार चला रहे हैं. इसका प्रत्यक्ष उदाहरण प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र में संचालित अवैध आरा मिल है. जानकारी के अनुसार प्रखंडों के कई इलाके में खुलेआम अवैध आरा मिल संचालित रहे हैं, पर दूसरे प्रखंड या थाना की सीमा पर होने के कारण पुलिस प्रशासन की नजर नहीं पड़ रही है.गांडेय के भंडारीडीह, बनशुंभी, भदवा में संचालित हैं मिल :
गांडेय प्रखंड की झरघट्टा पंचायत से सटे भंडारीडीह (गिरिडीह मधुपुर रेलखंड) के दूसरे छोर (बेंगाबाद प्रखंड) पर खुलेआम अवैध आरा मिल संचालित हो रही है. गांडेय व मार्गोमुंडा थाना क्षेत्र की सीमा पर बनशुंभी में भी अवैध आरा मिल का संचालन हो रहा है. इसके अलावे प्रखंड क्षेत्र के अन्य सीमावर्ती क्षेत्र यथा भदवा, दारवे आदि इलाके में भी खुलेआम अवैध आरा मिल का संचालन हो रहा है और कारोबारी मालामाल हो रहे हैं.बेंगाबाद में एक दर्जन से ज्यादा अवैध आरा मिल
बेंगाबाद थानांतर्गत विभिन्न गांवों में धड़ल्ले से आरा मिल संचालित हो रहे हैं. अवैध रूप से संचालित इन आरा मिलों में प्रतिदिन लाखों का कारोबार किया जा रहा है. बिना लाइसेंस के फर्जी तरीके से संचालित अवैध आरा मिलों की रोकथाम की दिशा में विभागीय निष्क्रियता से आरा मिल संचालक उत्साहित हैं. कुछ ऐसे भी आरा मिल हैं जहां बड़ी-बड़ी मशीन लगाकर लकड़ी की चिराई का काम हो रहा है. क्षेत्र से प्रतिदिन लकड़ी काटकर आरा मिल पहुंचायी जाती हैं. धंधेबाज दिन-रात उसकी चिराई कर बेच रहे हैं.
इन स्थानों पर संचालित हैं अवैध आरा मिल
बताया जाता है कि बेंगाबाद के मोतीलेदा, तेलोनारी, गेनरो, जरूआडीह, बदवारा सहित अन्य पंचायतों के गांवों में एक दर्जन से अधिक आरा मिल संचालित हैं. इन आरा मिलों के खिलाफ अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. मोतीलेदा की मिल में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में लकड़ियों को लेकर धंधेबाज पहुंचते हैं. तेलोनारी के मधुबन, परसन में भी व्यापक पैमाने पर लकड़ियों का कारोबार हो रहा है. ये आरा मिल ऐसे स्थान पर संचालित हैं, जहां पहुंचने में विभागीय टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ती है.
लंबे अरसे से नहीं हुई है कार्रवाई
विदित हो कि पूर्व डीएफओ प्रवेश अग्रवाल के कार्यकाल में बेंगाबाद के दामोदरडीह, चोरकट्टा, चकरदाहा गांवों में अवैध आरा मिलों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है. विभागीय सक्रियता से लंबे समय तक अवैध मिलों का संचालन बंद हो गया था, पर हाल के दिनों में लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने से पुनः धड़ल्ले से आरा मिलों का संचालन शुरू हो गया है. प्रभारी वनपाल रोहित कुमार का कहना है कि अवैध आरा मिलों के संचालन की सूचना नहीं है. शीघ्र छानबीन कर कार्रवाई की जायेगी.
