किसानों की नजर जब आग पर पड़ी तो आनन-फानन में उसे बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तब तक करीब 15 किसानों के खेतों में लगी गन्ने के फसल जल कर बर्बाद हो गयी. रात में नुकसान का आकलन नहीं हो सका. शनिवार की अलसुबह किसान खेत पहुंचे, तो पता चला की कुछ नहीं बचा. पूरी फसल बर्बाद हो गयी है. इससे उन्हें लगभग 10 लाख का नुकसान हुआ है. किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष ही गन्ने की फसल लगायी गयी थी, जो तैयार भी हो चुका थी, लेकिन आग लगने से बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा है.
ये किसान हुए प्रभावित
प्रभावित किसानों में सोनू मेहता, लक्ष्मण मेहता, दिलीप कुमार, गोपाल मेहता, भुनेश्वर मेहता, अनिल मेहता, प्रकाश मेहता, मनोज मेहता, नुनूलाल मेहता, सागर मेहता, कार्तिक मेहता, सुरेंद्र मेहता, अरविंद मेहता, डोमन मेहता, वासो मेहता, भैरवलाल मेहता, लालमोहन मेहता, महावीर मेहता शामिल हैं. किसानों का कहना है कि आग कैसे लगी या किसने लगायी, यह पता नहीं चल पाया. लेकिन, उनकी मेहनत पूरी तरह से पानी फिर लगा है. साथ ही उनकी जमा पूंजी भी डूब गयी.
सीओ से मुआवजे की मांग
किसानों ने बगोदर सीओ प्रवीण कुमार को सूचना देते हुए मुआवजे की मांग की है. बता दें कि गर्मी के दिनों में बगोदर वन क्षेत्र में लगातार आगजनी की घटना हो रही है. दो दिन पूर्व अटका-संतुरपी इलाके में भी सड़क किनारे अगलगी से कई पेड़ झुलस गये. आग कैसे लगती है, इसके कारणों का पता नहीं चल पा रहा है.
