Giridih News :बेंगाबाद के दो पैक्स में किसानों ने जमा किये चार हजार दो सौ क्विटंल धान

Giridih News :बेंगाबाद के महुआर व चपुआडीह पैक्स में धान खरीदने की व्यवस्था की गयी है. दोनों केंद्र से 15 दिसंबर से धान की खरीदी की जा रही है.

महुआर पैक्स में 36 किसानों ने ढाई हजार क्विंटल धान बेची है. वहीं, चपुआडीह में 22 किसानों से एक हजार सात सौ क्विंटल धान की खरीदारी की. पैक्स से गिरिडीह प्रखंड के गादी श्रीरामपुर स्थित शुभ लक्ष्मी एग्रो प्रालि धान खरीदयी है. अभी तक महुआर पैक्स से एक हजार क्विंटल, जबकि चपुआडीह से 625 क्विंटल धान राइस मिल खरीद चुकी है. वर्तमान में दोनों पैक्स आरओ के इंतजार में है. आरओ मिलने के बाद दोनों पैक्स के गोदाम में रखे 2075 क्विंटल धान को राइस मिल भेजा जायेगा. दोनों पैक्स संचालकों के अनुसार जितनी धान राइस मिल को भेजा गयी है, उसका भुगतान मिल गया है. किसानों को प्रति क्विंटल 2450 रुपये का भुगतान मिल रहा है. बताया राइस मिल संचालक धान क्रय के बाद उसे चावल बनाकर जेएसएफसी को भेजती है. जैसे-जैसे जेएसएफसी में चावल पहुंचाया जाता है, उसी अनुपात में मिल पैक्स में आरओ देकर धान की डिमांड करती है. वर्तमान में आरओ का इंतजार हो रहा है. आरओ मिलने के बाद गोदाम में पड़े धान को राइस मिल भेजा जायेगा.

ऑनलाइन इंट्री बंद, किसान परेशान

मिल व एफसीआई के बीच खरीद की प्रकिया में पेंच व रोटेशन के अभाव में धान खरीदारी बंद हो गयी है. कृषक रजिस्ट्रेशन के बावजूद ऑनलाइन इंट्री बंद होने ले धान की बिक्री नहीं कर पा रहे हैं. वहीं, मिल से उठाव नहीं किये जाने से पैक्स में धान की बोरियों से भर गया है. बुधुडीह पैक्स में 16 किसानों से 1000 क्विंटल धान की खरीद की. इसके बाद ऑनलाइन इंट्री बंद हो गयी, जिससे किसान परेशान हैं. इधर मिल द्वारा भी धान का उठाव नहीं किया और पैक्स में धान पड़ा रहा. काफी समय बाद धान का उठाव हुआ और ऑनलाइन इंट्री शुरू हुई. पुन: 800 क्विंटल धान की खरीद के बाद ऑनलाइन इंट्री बंद हो गयी. पिछले एक सप्ताह से मिल संचालक धान का उठाव नहीं कर रहे हैं. इसके कारण किसानों से धान की खरीद भी बंद है. पैक्स प्रबंधक राजेश वर्मा ने बताया कि पैक्स में 850 का रजिस्ट्रेशन हुआ है, जिसमें 550 किसान कम से कम 30 हजार क्विंटल धान देते हैं. जो स्थिति है उसमें मार्च तक क्रय की प्रकिया चल सकती है. कहा कि जेएसएफसी द्वारा एडवांस सीएमआर के बिना समय पर धान खरीदारी संभव नहीं है. जब तक मिल से उठाव या एफसीआई से खरीद की प्रक्रिया का रोटेशन नहीं होगा, तब तक पैक्स से उठाव नहीं होता है. वर्तमान में पैक्स के गोदाम में 800 क्विंटल धान पड़ा हुआ है. ऑनलाइन इंट्री बंद होने से खरीदारी बंद है. कुछ ऐसी ही स्थिति प्रखंड के अन्य पैक्स की भी है.

बगोदर में के किसानों को भी परेशानी

बगोदर प्रखंड अंतर्गत संचालित पंचायत में धान खरीदारी केंद्र में धान जमा पड़ा हुआ है. मिल संचालकों द्वारा धान की खरीदी नहीं होने से परेशानी बढ़ गयी है. गोदाम भरने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है. जरमुन्ने पूर्वी के पैक्स के संचालक राज किशोर सिंह ने कहा कि बीते एक पखवारे से मिल संचालक धान नहीं ले जाया जा रहा है, जिससे पैक्स में ही धान जमा हुआ है. बगोदर प्रखंड के सभी धान खरीदारी केंद्र की यह स्थिति है. मुंडरो धान खरीदारी द्र के संचालक कालीचरण महतो ने बताया कि विकल्प के तौर पर दूसरे मिलों से संपर्क किया जा रहा है. उसमें भी सरस्वती पूजा के बाद धान मिलों में भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी. इधर, किसानों का भुगतान भी सही तौर पर नहीं हो पाया है. बता दें कि बगोदर प्रखंड में मुंडरो, अटका, खेतको, दोंदलो, जरमुन्ने पूर्वी पंचायत, पोखरिया, कुदर, बगोदर व्यापार मंडल में धान खरीदारी केंद्र खोले गये हैं. कालीचरण ने यह भी बताया कि पैक्स में धान जमा होने के कारण किसानों फिहाल खरीदारी संभव नहीं है. वैसे किसान जिन्होंने डाटा ऑनलाइन किया है, उनका पेमेंट ही किया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PRADEEP KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >