बांस-बल्ली से पुश्तैनी रास्ता बंद करने पर विवाद, दोनों पक्षों ने पुलिस से की शिकायत

खोरीमहुआ के चितमाटांड़ गांव में पुश्तैनी रास्ता बंद करने को लेकर दो परिवारों में खूनी संघर्ष, पुलिस ने शुरू की मामले की जांच.

घोड़थंभा ओपी क्षेत्र के चितमाटांड़ गांव में वर्षों पुराने पुश्तैनी रास्ते को बांस-बल्ली से बंद करने को लेकर दो गोतिया परिवारों के बीच विवाद गहरा गया है. एक पक्ष ने रास्ता बंद करने का विरोध करने पर मारपीट, अभद्र व्यवहार और छिनतई का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है. वहीं, दूसरे पक्ष ने जमीन को अपना हिस्सा बताते हुए पौधा लगाने के लिए घेराव करने की बात कही है और सभी आरोपों से इनकार किया है.

वर्षों से इस रास्ते का ही इस्तेमाल करता आ रहा था परिवार

पीड़िता सुमन देवी ने बुधवार को घोड़थंभा ओपी में दिए आवेदन में बताया कि उसके घर से मुख्य सड़क तक आने-जाने के लिए पूर्वजों के समय से पुश्तैनी रास्ता है. परिवार वर्षों से इसी रास्ते का इस्तेमाल करता आ रहा है. आरोप है कि रविवार को उसके गोतिया दिलीप वर्मा, अमरजीत वर्मा समेत अन्य लोगों ने विकेंद्र वर्मा के कथित षड्यंत्र के तहत रास्ते में बांस-बल्ली गाड़कर आवागमन बंद कर दिया. इससे परिवार करीब दो दिनों तक घर से बाहर नहीं निकल सका. बच्चों को स्कूल भेजने और मवेशियों को बाहर निकालने में भी परेशानी हुई.

पुलिस को सूचना देने के बाद खोला गया रास्ता

सुमन देवी का आरोप है कि रास्ता बंद करने का विरोध करने पर आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की. पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद रास्ता खोला गया, लेकिन कुछ घंटे बाद फिर रास्ता बंद कर दिया गया. दोबारा विरोध करने पर उसके और पति के साथ मारपीट कर घायल कर दिया गया और अभद्र व्यवहार किया गया. स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ.

आरोपी ने विवादित जमीन को अपना बताया

इधर, दूसरे पक्ष के दिलीप वर्मा ने कहा कि विवादित जमीन उनके हिस्से की है. पौधा लगाने के उद्देश्य से जमीन की घेराबंदी की गयी थी. उन्होंने कहा कि घटना में उनके पक्ष के लोगों के साथ भी मारपीट हुई है. महिला से अभद्र व्यवहार और मारपीट के आरोपों को उन्होंने गलत बताया.

ग्रामीणों ने विवाद को पुराना बताया

ग्रामीण चिंतामणि कुशवाहा, महावीर वर्मा और कालीचरण कुशवाहा ने बताया कि जमीन और रास्ते को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है. गांव में कई बार पंचायती के जरिए समाधान का प्रयास हुआ, लेकिन सहमति नहीं बन सकी.

घोड़थंभा ओपी प्रभारी धर्मेंद्र अग्रवाल ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से आवेदन मिला है. प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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लेखक के बारे में

By वीरेंद्र कुमार

वीरेंद्र वर्ष 2008 से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उन्हें क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है और वे अपने क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उजागर करने में माहिर हैं.

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