ग्रामीण यासिन मियां, मनीष तुरी, किशोरी तुरी आदि ने कहा कि यह महत्वपूर्ण सड़क ग्रामीण कार्य विभाग (आरइओ) से स्वीकृत है, लेकिन निर्माण स्थल पर ना तो सूचना बोर्ड लगाया गया है और ना ही शिलान्यास किया गया है. सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा है. प्री-मिक्सिंग से लेकर सड़क के फ्लैंक में मिट्टी भराई तक में प्राक्कलन की अनदेखी की जा रही है.
नदी के दक्षिण भाग में टूटने लगी सड़क
ग्रामीण संतोष यादव, प्रदीप राय, लेखो राय, नानूराम यादव, संदीप यादव समेत अन्य ने कहा कि नदी के दक्षिण भाग में बना अप्रोच रोड टूटने लगा है. यह साबित करता है कि निर्माण में अनियमितता बरती गयी है. ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा मानकों के अनुरूप काम कराने की मांग की है. कहा कि पुल, पीसीसी और सड़क की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई, तो वे धरने पर बैठेंगे.
क्या कहते हैं सहायक अभियंता : इस संबंध विभाग के सहायक अभियंता विक्रम दास ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिली है. मामले की जांच करायी जायेगी. यदि निर्माण कार्य में अनियमितता पायी जाती है, तो आवश्यक कार्रवाई के साथ-साथ कार्य में सुधार कराया जायेगा.