वहीं, डीडीसी स्मृता कुमारी ने विस्तृत रूप से पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया. डीसी श्री यादव ने कहा कि भारत की जनगणना 2027 का प्रथम चरण 16 मई से 14 जून तक चलेगा. इस कार्य के लिए 802 पर्यवेक्षक व 4699 प्रगणकों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इसमें मकानों का सूचीकरण व गणना का कार्य किया जायेगा. इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिले में प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गयी है.
पहली बार आम नागरिकों के लिए स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध
डीडीसी स्मृता कुमारी ने बताया कि गिरिडीह जिले में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 16 चार्ज बनाये गये हैं. इसमें 13 ग्रामीण व तीन नगरीय (नगर निगम गिरिडीह, बड़की सरैया नगर पंचायत तथा धनवार नगर पंचायत) हैं. प्रत्येक चार्ज के लिए संबंधित बीडीओ तथा शहरी क्षेत्रों में प्रशासनिक पदाधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है. उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए पहली बार आम नागरिकों के लिए स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है. उन्होंने बताया कि नागरिक स्वयं विशेष पोर्टल (www.se.census.gov.in) के माध्यम से एक मई से 15 मई तक अपनी जनगणना की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं. यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना के माध्यम से भरा गया डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और इसका उपयोग केवल आधिकारिक जनगणना उद्देश्यों के लिए किया जाएगा. स्व-गणना के दौरान नागरिकों से मुख्य रूप से आवास, परिवार की संरचना, बुनियादी सुविधाओं एवं उपलब्ध संसाधनों से संबंधित जानकारी मांगी जायेगी. मौके पर अपर समाहर्ता बिजय सिंह बिरूआ, जिला नजारत उप समाहर्ता, आशुतोष ठाकुर, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार दुबे, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती समेत अन्य उपस्थित थे.
