बगोदर.
राजधानी रांची को उप राजधानी दुमका से जोड़ने वाली बगोदर-सरिया सड़क पर दर्जनों सूखे पेड़ हैं. इसे टूटकर गिरने का भय इस सड़क पर चलने वाले रहागीर से लेकर वाहनों चालकों तक में बना रहा है. तेज आंधी में कई टूटकर गिर चकु हैं. इसकी चपेट में आने से कई लोग घायल भी हो चुके हैं. मालूम रहे कि बगोदर-सरिया रोड के आधा दर्जन से अधिक ऐसे पेड़ हैं. पेड़ जड़ से खोखला हो रहा है, जो कभी भी गिर सकता है और इसके चपेट में राहगीर के साथ वाहन चालक आ सकते हैं. लेकिन इसकी कोई सुध नहीं लिया जा रहा है. शनिवार को भी आयी तेज आंधी में एक पेड़ गिर गया. हालांकि, इस दौरान कोई घटना नहीं घटी. इधर, एक पखवारा में मॉनसून आने की संभावना है. बारिश के दिनों हर बार सूखे पेड़ टूटकर गिरते हैं, जिससे जाम भी लगती है.एक माह पूर्व तेज आंधी बारिश में एक पेड़ टूटकर गिरा, तो दो घंटे तक जाम लगी थी. बगोदर पुलिस व ग्रामीणों के सहयोग से पेड़ को हटाया गया. इसके बाद यातायात सामान्य हुआ. इस सड़क से सरिया, राजधनवार, जमुआ, देवघर के लिए रात में 50 बसों के अलावा वाहनों का आवागमन होता है. एक सौ से अधिक टेंपो और काफी संख्या में बाइक सड़क से गुजरते हैं. हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन होने के कारण दिन-रात गाड़ियां का आना-जाना होता है. यह काफी व्यस्त सड़क है. अंबाडीह से करंबा मोड़ तक काफी जर्जर पेड़ हैं, जो कभी भी गिर सकता है. ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग आदेश दे तो वह अपने स्तर से सूख रहे पेड़ को कटवा सकते हैं, जिससे दुर्घटना होने का खतरा टल सकता है. ग्रामीणों ने इसे समय रहते इन जर्जर पेड़ हटाने की मांग वन विभाग से की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
