घटना देर रात करीब 12 बजे की बतायी जा रही है. जवान रणजीत यादव ने एक एंबुलेंस चालक को जबरन वाहन से नीचे उतार दिया. इसके बाद वह अस्पताल के अंदर चला गया. अस्पताल के भीतर भी जवान ने उत्पात मचाया. अस्पताल कर्मियों के साथ-साथ इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों से भी दुर्व्यवहार किया. अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल नगर थाना को इसकी जानकारी दी.
ओपीडी में घुसकर किया हंगामा
अस्पताल के ओपीडी में घुसा और वहां मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को जबरन अपना बीपी नापने को कहा. जांच के बाद जब डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से बाहर जाने की सलाह दी, तो वह उनसे उलझ गया और अभद्र व्यवहार करने लगा. मौके पर पहुंची नगर पुलिस ने जवान को अस्पताल परिसर से बाहर निकलने को कहा, लेकिन वह बाहर जाने को तैयार नहीं हुआ. इतना ही नहीं, उसने पुलिसकर्मियों के साथ भी गाली-गलौज शुरू कर दी. काफी मशक्कत के बाद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उसे अस्पताल के बाहर निकाला. उसने गाड़ी में बैठने से भी इनकार कर दिया. मजबूरी में पुलिसकर्मियों को कुछ दूरी तक उसे पैदल ले जाना पड़ा. काफी प्रयास के बाद जवान को वाहन में बैठाया गया और अंततः उसे पुलिस लाइन गिरिडीह पहुंचाया गया.
पूर्व में डीसी-एसपी कार्यालय के बाहर मचा चुका है बवाल
जवान रणजीत यादव पांच मई 2025 को पपरवाटांड़ स्थित डीसी-एसपी कार्यालय गिरिडीह के बाहर शराब के नशे में जमकर उत्पात मचाया था. स्थिति इतनी बिगड़ गयी कि पुलिस अधिकारी कड़ी मशक्कत के बाद उसे वहां से बाहर निकालना पड़ा था. उक्त घटना के बाद एसपी डॉ बिमल कुमार ने जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. इसके बावजूद एक बार फिर उसी जवान ने सदर अस्पताल में नशे की हालत में हंगामा किया.
