डीसी ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है. किसान मेला में कई लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया. एक लाभुक को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गयी. साथ ही पांच लाभुकों को मत्स्य विभाग की बाइक और आइस बॉक्स दिये गये.
डीसी ने किया स्टॉलों का निरीक्षण
मेले में कृषि एवं कृषि संबंध विभाग के साथ-साथ कृषि विज्ञान केंद्र, एफपीओ, खाद बीज भंडार सहित कुल 18 स्टॉल लगाये गये थे. डीसी ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर जायजा लिया तथा मेले में प्रदर्शित कृषि उपकरण, तकनीकी नवाचार, जैविक उत्पादों, फसलों, फल, फूल और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की.किसानों के लिए उन्नति के अवसर
डीसी ने कहा कि इन स्टालों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और संसाधनों की जानकारी मिल रही है, जो उनके उत्पादन को बढ़ाने और लागत कम करने में सहायक होगी. कहा कि यह मेला किसानों के लिए नयी तकनीकों, जैविक खेती, उद्यानिकी और मत्स्य पालन में उन्नति के अवसर प्रदान करेगा.
खेती की तकनीकी सलाह महत्वपूर्ण
मौके पर कृषि एवं विभागीय पदाधिकारी, कर्मी, किसान मित्र, एग्री स्मार्ट ग्राम की कृषक पाठशाला के कर्मी, बीएओ, बीटीएम, एटीएम, जन सेवक, एग्री क्लीनिक के कर्मी, एफपीओ के कृषक विभिन्न प्रखंडों के सैकड़ों किसान उपस्थित थे. डीडीसी स्मृता कुमारी ने कहा कि तकनीकी ढंग से खेती करने की सलाह पर अमल करें तो किसान अधिक लाभान्वित होंगे.
