ट्रेड यूनियन के नेताओं का कहना है कि गिरिडीह कोलियरी में अभी भी प्रचूर मात्रा में कोयला मौजूद है. अगर ढंग से सर्वे कराया जाये तो कोयला भंडार की वास्तविकता का पता चल जायेगा.
यूनियन नेताओं की उपस्थिति में सर्वे कराने पर बल
यूनियन नेताओं का कहना है कि सीएमपीडीआई या फिर जियोलॉजिकल टीम से सर्वे कराना जरूरी है. यह भी कहा गया कि वर्ष 2024 में सीएमपीडीआई की टीम ने यहां सर्वे किया था. उस वक्त यूनियन नेताओं को इसकी जानकारी नहीं दी गयी थी. कुछ चिह्नित स्थलों पर सर्वे कराने का काम किया गया था. ट्रेड यूनियनों ने उक्त सर्वे कार्य पर सवाल उठाया है. इसलिए इस बार यूनियन नेताओं की उपस्थिति में सर्वे कराने की बात कही जा रही है.
पिछले आश्वासन पर पहल नहीं हुई
गिरिडीह कोलियरी में कई ऐसे स्थान हैं जहां प्रचूर मात्रा में कोयला मौजूद रहने की प्रबल संभावना है. विदित हो कि गत दिसंबर में एसीसी की बैठक में ट्रेड यूनियनों ने सर्वे कराने की मांग की थी. उक्त बैठक में प्रबंधन ने यूनियन नेताओं को आश्वासन दिया था, पर इस दिशा में कोई पहल नहीं होने के कारण पुन: कोयला भंडार की खोज को ले सर्वे कराने पर बल दिया जा रहा है.
