धरना के बाद राज्यपाल के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा गया. भाजपा के महानगर जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार राय ने कहा कि घटना के पांच दिन बीतने के बाद भी अपराधियों को नहीं पकड़ पाना पुलिस और राज्य सरकार की नाकामी को दर्शा रही है. राज्य के मुखिया एक तरफ महिला सम्मान की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य में सबसे ज्यादा राज्य असुरक्षित बहन-बेटियां ही हैं. ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र वर्मा ने कहा कि अगर गिरफ्तारी नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा.
हेमंत सरकार में ध्वस्त हो गयी कानून
व्यवस्था
पूर्व जिलाध्यक्ष महादेव दुबे ने कहा कि राज्य की हेमंत सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव ने कहा : राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है. अपराध को नियंत्रण करने में राज्य की वर्तमान सरकार फेल है. भाजपा नेता विनय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में अपराध इस कदर पांव पसार चुका है कि महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है. धरना में प्रियंका यादव, जिला मंत्री संगीता सेठ, देवराज, सुरेश मंडल, युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मिथुन चंद्रवंशी, आकाश सिंह, राजेश गुप्ता, अजय सिंह, राजकिशोर साव, संतोष गुप्ता, सुरेंद्र लाल, अरुण राणा, श्रेयांश सिंह, सरयू मंडल समेत कई महिला कार्यकर्ता भी मौजूद थीं.
