प्रखंड परिसर में आवासीय व्यवस्था की गयी है, ताकि समय पर कार्यालय पहुंचकर जनता का कार्य का निपटारा हो सके. लेकिन, एक दो कर्मी को छोड़ अब भी सारे अधिकारी जिला मुख्यालय से ही आना जाना करते हैं. वे कब और किस दिन आयेंगे, वह उसकी मर्जी पर निर्भर करता है.
सुबह के ग्यारह बजे तक नदारद थे कर्मी, लटका था ताला
शुक्रवार की सुबह प्रखंड कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ था. पूर्वाह्न 11 बजे तक प्रखंड के एक-दो कर्मी को छोड़ अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मी गायब थे. उनके कार्यालय के बाहर ताला लटका हुआ था. लोग कार्य से प्रखंड कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन कार्यालय में लटका ताला परेशानी बढ़ाने वाली थी. 11 बजे तक कृषि पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, एक महिला जनसेवक, एक कंप्यूटर ऑपरेटर के अलावा कोई अधिकारी व कर्मी उपस्थित नहीं थे. 11.08 पर प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक, पशुपालन कार्यालय, उद्योग विभाग, 11.09 बजे प्रधान सहायक, प्रखंड नजारत, सहायक कक्ष, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी का कार्यालय, पेयजल व स्वच्छता विभाग, 11.11 बजे निर्वाचन कार्यालय, 11.12 मिनट पर बाल विकास परियोजना सांख्यिकी सहायक, बाल विकास परियोजना कार्यालय, 11.17 मिनट में तहसील कचहरी कार्यालय में ताला लटका हुआ था.कर्मियों को अधिकारी का भय नहीं
इधर, कार्यालयों में जब ताला बंद था तब बीडीओ और सीओ अपने अपने कक्ष में मौजूद थे और फाइलों के निपटारा में जुटे हुए थे. इससे पता चलता है कि यहां पदस्थापित कर्मियों को वरीय अधिकारी का भी भय नहीं है. वहीं, अधिकारी भी अनुपस्थित कर्मियों की खोज खबर में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं. इसके कारण कर्मियों की मनमानी चल रही है.
सीएस के निर्देश के बाद भी नहीं सुधर रहा अस्पताल
अस्पताल में भी कर्मियों की मनमानी दिखी. 11.16 बजे कंप्यूटर ऑपरेटर मौजूद नहीं था. जबकि, आउटसोर्स से यहां कंप्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था की गयी है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ महेश गुप्ता अपने कक्ष में मरीजों का इलाज कर रहे थे. वे मरीजों को दवा की पर्ची भी दे रहे थे, लेकिन दवा लेने के लिए दवाखाना में आउटसोर्स पर कार्यरत कुछ महिलाएं अपने-अपने कार्य में व्यस्त थी. कुछ मोबाइल चला रही थी तो कुछ गप्पे हांक रही थी. फार्मासिस्ट का पता नहीं था. फार्मासिस्ट के इंतजार में मरीज हाथ में दवा पर्ची लेकर इंतजार कर रहे थे. बता दें कि दो दिन पूर्व सीएस ने औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सुधार का निर्देश दिया था, लेकिन कोई सुधार नहीं दिख रहा है.क्या कहते हैं बीडीओ
बीडीओ सुनील कुमार मुर्मू का कहना है कि सभी को समय पर कार्यालय आने और जाने का हिदायत दी गयी है. इसके बाद भी देर से आते हैं, जो गंभीर मामला है. कहा अनुपस्थित कर्मियों को शो-कॉज किया जायेगा.
