यह पत्र कथित रूप से करियर नामक संस्था की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों (मुखिया) को डाक के माध्यम से भेजा गया है. बताया जाता है कि इस पत्र के साथ एक आवेदन फॉर्म भी संलग्न है, जिसमें नर्सरी, प्राइमरी व कंप्यूटर शिक्षक के पदों पर भर्ती का दावा किया गया है.
10वीं से स्नातक पास से मागें गये हैं आवेदन
10वीं से स्नातक तक की योग्यता रखनेवाले युवाओं से आवेदन मांगे गये हैं. कई मुखियाओं ने इस पत्र को सही मानते हुए इसे इंटरनेट मीडिया पर वायरल भी कर दिया, जिसके बाद बड़ी संख्या में युवा इसके प्रति आकर्षित होने लगे. हालांकि, प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे संदिग्ध करार दिया है.
क्या कहते हैं बीडीओ
बीडीओ मनोज मरांडी ने स्पष्ट कहा कि इस तरह के आवेदन फर्जी हो सकते हैं और युवाओं को सतर्क रहने की आवश्यकता है. वहीं, शिक्षा विभाग के बीपीओ ने भी साफ किया कि विभाग के पास इस प्रकार की किसी भर्ती से संबंधित कोई आधिकारिक पत्र या सूचना प्राप्त नहीं हुई है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस तरह के मामलों में अक्सर साइबर ठग फर्जी नियुक्ति के नाम पर युवाओं से आवेदन शुल्क वसूल सकते हैं. ऐसे में बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के आवेदन करना जोखिम भरा हो सकता है. पालगंज के बिरजू साहू, हरलाडीह के बीरेंद्र पंडित, मंडरो के ब्रजकिशोर टुडू ने कहा कि डाक कर माध्यम से दो कागज में आवेदन आया है. एक में विज्ञापन तो दूसरे कागज में आवेदन है
