इसमें 20 केंद्र झारखंड के हैं. गिरिडीह जिले के दस केंद्रों में आठ केंद्र बेंगाबाद प्रखंड से है. चयनित केंद्रों की सेविकाओं को आधुनिक तकनीक से बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है. इसके लिए आइआइटी दिल्ली से प्रशिक्षक सुशांत कुमार और सीएससी के जिला प्रबंधक रूपेश कुमार भी उपस्थित थे.
एडल्ट्रेशन फोन की लत से दूर रखने का प्रयास
बच्चों के शुरुआती विकास और शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सीएससी एकेडमी और एप्प शाला का यह संयुक्त कार्यक्रम है. प्रशिक्षकों के अनुसार एडल्ट्रेशन फोन की लत से दूर रखने, खेल-खेल में पढ़ाई, आधुनिक तकनीक का उपयोग सहित अन्य बिंदुओं को शामिल करते हुए बच्चों को तकनीकी रूप से तैयार करना है. बताया कि आज के डिजिटल युग में माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता बच्चों को मोबाइल फोन और स्क्रीन से दूर रखने की है. बताया कि एप्पशाला ने इसका समाधान खोज निकाला है.
इनोवेटिव एप्प पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने में सहायक
प्रशिक्षकों ने बताया कि आइआइटी दिल्ली के शोध पर आधारित इस इनोवेटिव एप्प को इस तरह से तैयार किया गया है कि बच्चे फोन के हानिकारक इस्तेमाल से दूर रहें और खेल-खेल में नयी चीजों को सीख सकें. यह तकनीक बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करती है. इससे बिना बोर हुए कठिन विषयों को आसानी से समझ पाते हैं. एप्प शाला बचपन की शिक्षा को पूरी तरह से बदलने के लिए समर्पित है. इसमें ऑगमेंटेड रियलिटी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे वे चीजें जिन्हें बच्चे सिर्फ सोच सकते थे उन्हें अपनी आखों के सामने जीवंत कर देती है. इससे सीखने के अनुभव बेहद दिलचस्प और सुलभ हो जाते हैं.
